भाजपा को आत्ममंथन की जरूरत है : जसवंत सिंह
नौ महीने के बाद वनवास काटने के बाद अपने घर लौटे भाजपा नेता जसवंत सिंह ने कहा है कि भाजपा को आत्म मंथन की जरूरत है अगर अभी वो पार्टी अपनी पुरानी गलतियों से नहीं सीखती है औऱ अपने में सुधार नहीं करती है तो पार्टी का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। हालांकि ये करना बेहद कठिन है लेकिन पार्टी को ये करना पड़ेगा वरना भाजपा के लिए मुश्किलें बढ़नी स्वाभाविक है।
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संसद का मानसून सत्र जूलाई में शुरू होने वाला है , जिसमें भाजापा नेता और सांसद जसवंत सिंह की उपस्थिति भी अनिवार्य होगी। जहां जसवंत सिंह विपक्ष की पिछली सीट पर विराजमान होगे । अपने निष्कासित समय को जसवंत ने अपने जीवन का कटु अनुभव बताया और कहा कि वो समय उनके जीवन का एक ऐसा अनुभव है उस में मैनें काफी कुछ विचार किया है इसलिए मैं उसे कभी नही भूल सकता हूं।
जसवंत सिंह ने पार्टी के बाहर बीते महीनों के बारे में माना कि संसद में बतौर निर्दलीय सदस्य उनका अनुभव अच्छा नहीं रहा, क्योंकि संसद में पार्टी नेताओं को ही प्राथमिकता मिलती है। पार्टी में लौटने के बाद जसवंत सिंह पहला दौरा अपने संसदीय क्षेत्र दार्जिलिंग का करेंगे जिसके बाद वह अपने गृह प्रदेश राजस्थान जाएंगे।













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