एलपीजी वितरकों के चयन के लिए पारदर्शी प्रणाली को मंजूरी
यह राजीव गांधी ग्रामीण एलपीजी वितरक (आरजीजीएलवी) की तरह सफलतापूर्वक शुरू की गयी चयन प्रक्रिया जैसी होगी।
देवड़ा ने कहा कि यह परिवर्तन चयन में धोखाधड़ी के आरोपों को खत्म करेगा। इससे वितरण केन्द्र स्थापित करने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी। यह नयी प्रक्रिया एलपीजी की पहुंच को इसके लाभ से वंचित क्षेत्रों तक विस्तृत करने के सरकार के प्रयास में काफी मददगार होगी।
वर्तमान प्रणाली के तहत दस्तावेजों और साक्षात्कारों के माध्यम से योग्य उम्मीदवारों का चयन होता है जिनको लेकर शिकायतें और मुकदमेबाजी होती है। कई वितरण लम्बित रह जाते हैं क्योंकि अनेक असफल उम्मीदवार सफल आवेदकों की उम्मीदवारी को लेकर सवाल खड़े करते हैं।
देवड़ा ने निर्देश दिया है कि उम्मीदवारों में से ऐसे आवेदकों को छांटा जाएग जो चयन प्रक्रिया के अनुरूप न्यूनतम अर्हताओं को पूरा करते हैं। लोक प्राधिकारियों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में पर्ची निकालने का कार्य किया जाएगा और इस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी की जाएगी।
गौरतलब है कि देवड़ा ने पेट्रोलियम उत्पादों के विपणन की बुनियादी सुविधाओं को बढावा देने के लिए पिछले वर्ष दृष्टिकोण 2015 को मंजूरी दी थी जिसके तहत 2015 तक 75 प्रतिशत आबादी तक एलपीजी नेटवर्क को पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में देश की आबादी का 55 प्रतिशत हिस्सा ही एलपीजी नेटवर्क के दायरे में है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय शीघ्र ही तेल विपणन कंपनियों को आवश्यक निर्देश जारी करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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