बेस्ट फाइव मामले में सर्वोच्च न्यायालय जाएगी महाराष्ट्र सरकार (लीड-1)
मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने गुरुवार को यहां यह बात कही।
राज्य सरकार उच्च न्यायालय के इस फैसले को चुनौती देगी। फैसले में यह भी कहा गया है कि 'बेस्ट फाइव' प्रणाली माध्यमिक स्कूल प्रमाणपत्र (एसएससी) बोर्ड के छात्रों का अन्य बोर्डो के छात्रों से भेदभाव करती है।
गुरुवार दोपहर मंत्रिमंडल की एक बैठक के बाद चव्हाण ने इस निर्णय की घोषणा की।
सरकार के उच्च न्यायालय के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दिए जाने के बाद महाराष्ट्र में कक्षा 11 में छात्रों के प्रवेश में एक पखवाड़े की देरी हो सकती है।
महाराष्ट्र सरकार ने 'बेस्ट फाइव' फार्मूला फरवरी में पेश किया था।
सरकार के इस फार्मूले के मुताबिक कक्षा 11वीं में प्रवेश के लिए एसएससी छात्रों के 10वीं कक्षा के छह विषयों में से किन्हीं भी पांच विषयों के अंक देखे जाएंगे। इस तरह 10वीं की एसएससी बोर्ड परीक्षा का छात्र अच्छे अंकों वाले कोई भी पांच विषय चुन सकेगा।
उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने अपने निर्णय में कई जनहित याचिकाओं को ध्यान में रखते हुए प्रश्न उठाया है कि अन्य बोर्डो से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को यह सुविधा क्यों नहीं मिलना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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