खत्म हुआ जसवंत का वनवास, भाजपा में लौटे (लीड-3)
पार्टी मुख्यालय में वरिष्ठ नेता नेता लालकृष्ण आडवाणी और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज की उपस्थिति में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने जसवंत सिंह की पार्टी में वापसी की घोषणा की।
पार्टी में वापसी पर खुशी जताते हुए जसवंत ने कहा, "जाने-पहचाने चेहरों और जाने-पहचाने वातावरण में लौटना अच्छा लग रहा है। मैं आडवाणीजी का ध्यन्यवाद करता हूं कि उन्होंने वापसी की पहल की और फोन करके मुझे मिलने बुलाया।"
उन्होंने कहा, "इसके बाद मैं उनसे मिला था। जब मुझे पार्टी से निष्कासित किया गया था उस वक्त जैसा मैंने अनुभव किया था, उसकी तुलना में मैं उस दिन बहुत आभार और उदारता महसूस कर रहा था। उसी दौरान उन्होंने मुझसे पार्टी में वापसी करने की बात कही। अध्यक्ष जी (गडकरी) भी पिछले दिनों मुझसे मिले और पार्टी में आने के लिए कहा। मैं सभी का आभार प्रकट करना चाहता हूं।"
पार्टी में जसवंत की वापसी का स्वागत करते हुए आडवाणी ने कहा, "यह खुशी की बात है। हमारे लिए राहत है कि वह वापस पार्टी में लौट आए हैं। मैं उनका स्वागत करता हूं और मुझे पूरा विश्वास है कि पार्टी चलाने के लिए हमें उनका सहयोग और दिशानिर्देश मिलेगा।"
इस मौके पर गडकरी ने उनका पार्टी में स्वागत करते हुए कहा, "बीता हुआ कल बीत जाता है। अब वर्तमान में जसंवत सिंह जी हम सभी का मार्गदर्शन करेंगे और पार्टी को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।"
इससे पहले भाजपा प्रवक्ता रामनाथ कोविंद ने आईएएनएस से बातचीत में स्पष्ट कर दिया था कि आडवाणी और पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी की मौजूदगी में जसंवत सिंह को फिर से पार्टी में शामिल किया जाएगा।
गौरतलब है कि जसवंत ने अपनी पुस्तक 'जिन्ना : भारत विभाजन के आइने में' में जिन्ना की तारीफ की थी और इसीलिए बीते साल अगस्त में उन्हें पार्टी के संसदीय बोर्ड ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। वह लोकसभा में पश्चिम बंगाल के दार्जीलिंग संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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