गिलानी और मीरवाइज हिरासत में लिए गए
श्रीनगर के जिलाधिकारी मेहराज अहमद काकरू ने बताया कि भड़काऊ भाषण देने और युवकों को हिंसा के लिए उकसाने के लिए गिलानी के खिलाफ सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
काकरू ने बताया, "हमने उनके खिलाफ सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। मैंने उन्हें हिरासत में लेने के आदेश पर दस्तखत किए हैं।"
कश्मीर का पाकिस्तान में विलय किए जाने के पैरोकार गिलानी सरकार के साथ किसी भी वार्ता के घोर विरोधी हैं। गिलानी को उनके सहयोगी अशरफ सेहराय के साथ 20 जून तक एहतियातन हिरासत में लिया गया था।
सूत्रों ने बताया कि गिलानी की वृद्धावस्था और गिरती सेहत को देखते हुए उन्हें चश्मेशाही में अत्यधिक सुरक्षा वाली टूरिस्ट हट में रखा गया है।
मीरवाइज उमर फारुक को निगीन स्थित उनके घर में नजरबंद किया गया है। यह कदम उन्हें अलगाववादी पार्टियों की बैठक करने से रोकने के लिए उठाया गया है। मीरवाइज ने यह बैठक अलगाववादी गुटों के बीच एकता कायम करने के लिए बुलाई है।
अलगाववादियों के खिलाफ कार्रवाई का फैसला जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा लिया गया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हुर्रियत के कट्टरपंथी और उदारवादी गुटों के 40 से ज्यादा अलगाववादी हिरासत में लिए गए हैं।
जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के अध्यक्ष मुहम्मद यासीन मलिक को श्रीनगर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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