मानसून की बेरुखी से धान किसान मायूस
मौसम विभाग के अनुसार आमतौर पर अब तक जितनी बारिश होनी चाहिए थी उसकी आधी भी बरसात नहीं हुई है। विभाग के अनुसार 15 जून राज्य में मानसून के प्रवेश का समय होता है परंतु अब तक राज्य में कहीं भी मूसलाधार बारिश नहीं हुई है।
मई महीने के प्रारंभ में राज्य में 20 मिलीमीटर बारिश होने से किसानों में यह आशा जगी थी इस वर्ष मौसम उनका साथ देगा। अब तक 105 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी लेकिन केवल 32़4 मिलीमीटर बारिश ही हुई है।
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 35.50 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती का लक्ष्य तय किया गया है। विभाग के एक अधिकारी के अनुसार राज्य में तय लक्ष्य के 38़ 57 प्रतिशत क्षेत्रफल की रोपाई के लायक ही धान का बीज अभी तक डाला गया है।
राज्य में जहां किसान धान के बीज डाल चुके हैं उन्हें भी इसे बचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है क्योंकि बारिश नहीं होने के कारण खेतों में नमी कम हो गई है। वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक राम कुमार प्रसाद सिन्हा के अनुसार धान के बीज के लिए 35 डिग्री सेल्सियस तापमान सबसे अच्छा माना जाता है परंतु राज्य के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है। इस कारण खेतों में डाले गए बीज भी जल रहे हैं। उनके अनुसार अब तक राज्य में 80 प्रतिशत बीज डालने का काम पूरा हो जाना चाहिए था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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