एनटीपीसी दादरी परियोजना की प्रगति की समीक्षा
उन्होंने बिजली घर परिसर में विभिन्न प्रतिष्ठापनों जैसे, कोयला आधारित संयत्र, गैस आधारित संयंत्र, रियल टाइम निगरानी सुविधा और ऐश माउंड का दौरा किया। उनके साथ एनटीपीसी के अध्यक्ष-प्रबंध निदेशक आर. एस. शर्मा भी थे।
अगले माह तक पूरा हो जाने वाले चरण -2 कार्यक्रम में कार्यरत कर्मचारियों से बातचीत करते हुए सोलंकी ने कार्यक्रम की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया कि यह कार्यक्रम आने वाले राष्ट्रमंडल खेलों तक पूरा हो जाएगा।
चरण-2 कार्यक्रम के तहत 490 मेगावट के दो कोयला आधारित संयंत्र 2010 में पूरे हो जाएंगे ताकि अक्तू बर, 2010 में नई दिल्ली मे आयोजित होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए बिजली उपलब्ध हो सके। पहले 490 मेगावाट संयत्र का वाणिज्यिक परिचालन 31 जनवरी, 2010 से शुरू हो गया है । इसके 490 मेगावाट संयत्र का काम पूरी तेजी से चल रहा है।
बिजली की क्षमता मुख्यत: भारत के उत्तरी क्षेत्र के लिए है। बिजली संयंत्र पर 2,465 एकड़ भूभाग में फैला है और दादरी-धौलाना मार्ग (दादरी जीटी रोड से 10 किलोमीटर और राष्ट्रीय राजमार्ग-24 से 12 किलोमीटर हटकर) पर स्थित है।
एनटीपीसी दादरी के 840 मेगावाट कोयला आधारित स्टेशन (चरण-1) के लाभार्थी दिल्ली और उत्तर प्रदेश हैं। एनटीपीसी दादरी के 829 मेगावाट गैस आधारित स्टेशन के लाभार्थियों में उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली और भारतीय रेल हैं। एनटीपीसी, दादरी के 980 मेगावाट कोयला आधारित स्टेशन (चरण-2) के लाभार्थी दिल्ली (90 प्रतिशत) और उत्तर प्रदेश (10 प्रतिशत) हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications