राजसमंद में पकड़ा 857 लीटर नकली देशी घी
खाद्य मंत्री बाबू लाल नागर ने बताया कि राजसमन्द में खाद्य विभाग को नकली देशी घी बेचे जाने की सूचना मिलने पर विशेष जांच दल का गठन कर गोरस एवं गोरस गोल्ड घी के नमूने लिए गये जिनकी चल प्रयोगशाला में जांच कराये जाने पर घी में मिलावट पायी गयी। उन्होंने बताया कि पी.एफ.ए एक्ट के तहत घी के नमूने लेकर प्रयोगशाला में भिजवाये गये है।
नागर ने बताया कि मिलावट की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जिला रसद अधिकारी राजसमन्द को नकली घी के कारोबार करने वाले व्यापारियों के विरूद्घ कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है ताकि मिलावटी घी के उत्पादन एवं विक्रय को रोकने की प्रभावी कार्यवाही की जा सके। उन्होंने बताया कि दोषियों के विरूद्घ प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की जा जा रही है।
नागर ने बताया कि अलवर जिले में राजपुरोहित डेयरी पर 340 लीटर सिन्थेटिक दूध पकड़ा गया जिसे नष्ट कराया गया है। इसके अलावा करौली जिले में मिलावटी घी पाये जाने पर 30 किलोग्राम घी नष्ट कराया गया।
खाद्य मंत्री ने बताया कि शुद्घ के लिए युद्घ अभियान के तहत राज्य में विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदाथोर्ं एवं सामग्री के 425 नमूनों का परीक्षण किया गया। इसके अलावा हल्दी एवं मिर्च पाउडर, घी, सरसो का तेल आदि के सेम्पल लेकर जांच की गयी तथा अवधि पार घी, बिस्किट, नमकीन, नमक, भुजिया, चाय, चीनी, दूध, सुपारी, चिप्स नष्ट कराये गये।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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