'व्हाइट हाउस फेलोज' में 2 भारतीय मूल के अमेरिकी
व्हाइट हाउस की ओर से मंगलवार को जारी बयान में इसकी घोषणा की गई। बयान में कहा गया, "ये लोग विभिन्न पेशे से हैं और सभी ने लोक सेवा और नेतृत्व के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दिखाई है।"
दरअसल, वर्ष 1964 में अमेरिकी राष्ट्रपति लिंडन बी. जॉनसन ने 'व्हाइट हाउस फेलोज' कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसका मकसद कार्यक्रम में चुने गए लोगों को सीधे और उच्च स्तर पर संघीय सरकार के साथ काम करने का अवसर प्रदान करना और राष्ट्रीय मामलों में इनकी सहभाकगिता को बढ़ावा देना था।
इस कार्यक्रम के चयनित दोनों भारतीयों की शैक्षिक पृष्ठभूमि बहुत मजबूत है। बसु स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में रेडियोलॉजिस्ट हैं। उन्हें वर्ष 2009 में सर्वश्रेष्ठ सलाहकार फिजिशियन चुना गया था। वर्ष 2007 में उन्हें 'मेडिसिन अवार्ड फॉर लीडरशिप' भी मिला था।
दूसरी ओर रामचंदानी अमेरिकी नौसेना में बतौर लेफ्टिनेंट कमांडर और फिजिशियन कार्यरत हैं। फिलहाल वह वाल्टर रीड राष्ट्रीय सैन्य चिकित्सा केंद्र में एक प्रमुख भूमिका का भी निर्वहन कर रहे हैं। वर्ष 2009 में उनकी तैनाती अफगानिस्तान में भी की गई थी। उन्होंने हावर्ड स्कूल से जन स्वास्थ्य की पढ़ाई की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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