अटल-आडवाणी की नई पौध तैयार करेंगे नाइक

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने शीर्ष पुरुषों पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी की तरह पार्टी की भावी पौध तैयार करने का जिम्मा पूर्व केंद्रीय मंत्री व वरिष्ठ नेता राम नाइक को सौंपा है।

नाइक पार्टी के सांसदों व विधायकों को यह गुर सिखाएंगे कि वह कैसे खुद को वाजपेयी व आडवाणी की तरह संसद व विधानसभाओं के साथ जनता के बीच प्रस्तुत करें और अपनी छवि बनाएं।

इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने हाल ही में सांसद-विधायक विकास प्रकोष्ठ गठित किया है जिसका अध्यक्ष नाइक को बनाया गया है। नाइक इससे पहले पार्टी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष थे लेकिन पिछले दिनों गडकरी ने नाइक को इस जिम्मेदारी से मुक्त करते हुए यह नई जिम्मेदारी सौंपी हैं।

नाइक ने तीन से पांच जुलाई को मुंबई के रामभाऊ म्हालगी में सभी सांसदों के लिए एक शिविर का आयोजन किया है। तीन दिवसीय इस शिविर का उद्घाटन आडवाणी करेंगे जबकि समापन गडकरी करेंगे। इस आयोजन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।

ज्ञात हो कि पिछले दिनों इसी जगह पार्टी ने सुराज संकल्प नाम से मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित किया था जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य वक्ता के रूप में भाषण दिया था।

राम नाइक को मिली इस नई जिम्मेदारी के बारे में आईएएनएस ने जब उनसे बातचीत की तो उन्होंने बताया, "हमारी पार्टी में सांसदों व विधायकों को बहुत पहले से ही प्रशिक्षण दिया जाता रहा है लेकिन यह पहला मौका है जब सांसदों व विधायकों के चहुंमुखी व्यक्तित्व विकास पर जोर दिया जा रहा है।"

उन्होंने कहा, "हम अपने सांसदों व विधायकों को समय-समय पर आयोजित होने वाले विभिन्न शिविरों में यह सिखाने का प्रयास करेंगे कि संसद व विधानसभाओं में कैसे अच्छे से अच्छा प्रदर्शन किया जाए। साथ ही साथ अपने निर्वाचन क्षेत्रों में उन्हें अपने मतदाताओं के समक्ष कैसे पेश आना है और कैसे उन्हें पार्टी से जोड़े रखना है, इससे संबंधित छोटी-छोटी बातों से उन्हें अवगत कराया जाएगा और व्यक्तित्व विकास के भी गुर सिखाए जाएंगे।"

यह पूछे जाने पर कि तो क्या आप अटल-आडवाणी के संसदीय अनुभवों व उनकी लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी में अटल-आडवाणी की नई पौध तैयार करेंगे, इसके जवाब में उन्होंने कहा, "निश्चित तौर पर अटल-आडवाणी हमारे प्रेरणा स्रोत हैं। इनके समक्ष तो मैं एक छोटा सा कार्यकर्ता हूं।"

उल्लेखनीय है कि राम नाइक की पहल पर ही संसद की कार्यवाही की शुरुआत और उसका समापन 'वंदे मातरम' से होता है। उनकी ही पहल पर 'बम्बई' का नाम 'मुंबई' हुआ और सांसद विकास निधि कोष की भी शुरुआत हुई। नाइक उन गिने चुने सांसदों में हैं जो चुनाव जीतने तो क्या हारने के बाद भी अपने संसदीय क्षेत्र में डटे रहते हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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