भारत के लिए 10 अरब डालर के कोष का सुझाव
वाशिंगटन, 23 जून (आईएएनएस)। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के नवंबर में प्रस्तावित भारत दौरे ने आर्थिक आदान-प्रदान को बढ़ाने का अवसर का प्रस्ताव दिया है, वहीं दूसरी ओर उद्योग जगत की हस्तियों ने भारत में अधोसंरचना विकास के लिए 10 अरब डॉलर के एक ऋण कोष बनाने का सुझाव दिया है।
भारत-अमेरिका सीईओ फोरम द्वारा मंगलवार को सुझाए गए अन्य रोचक और महत्वाकांक्षी विचारों में भारतीय राष्ट्रीय सौर मिशन के तहत मिल कर काम करना, मधुमेह अनुसंधान व इलाज पर एक दीर्घकालिक पहल, शैक्षिक संस्थानों के बीच संबंध और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान शामिल हैं।
भारतीय दूतावास ने कहा है कि इन विचारों के बाद वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने घोषणा की कि क्रियान्वयन अनुकूल कार्ययोजना के साथ इन विचारों को आगे बढ़ाने के लिए भारत में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया के नेतृत्व में एक समिति गठित की जाएगी।
सरकारी प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात के पूर्व सीईओ ने एक छोटे प्रारूप में मुलाकात की। उन्होंने दोनों देशों की सरकारों के लिए चार प्रमुख क्षेत्रों में सुझाव दिए। इन क्षेत्रों में अधोसंरचना, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और ई-स्वास्थ्य/जैव प्रौद्योगिकी शामिल हैं।
भारतीय दूतावास ने कहा है कि फोरम ने बाधाओं और कुछ दीर्घकालिक विचारों को सामने लाने के लिए भी चर्चा की। दोनों देशों के सीईओ और दोनों सरकारों के प्रतिनिधियों ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक साझेदारी में अपार संभावना और तालमेल है।
भारतीय दूतावास ने कहा है, "राष्ट्रपति बराक ओबामा का आगामी भारत दौरा आर्थिक आदान-प्रदान को बढ़ाने का एक अवसर मुहैया कराएगा और इनमें से कुछ विचारों को प्रदेय में रूपांतरित करेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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