पाकिस्तान में महिला अधिकारी जल्द थामेंगी हथियार
अबोटाबाद (पाकिस्तान), 23 जून (आईएएनएस)। उत्तरी पाकिस्तान के अबोटाबाद शहर के बाहरी इलाकों में 'अल्लाह हू' के नारे लगा रहे हजारों पुरुष सैनिकों के बीच अपने नए गहरे हरे रंग के ट्रैक सूट में व्यायाम कर रहीं 38 महिलाओं के समूह को जल्द ही हथियार मिलने की उम्मीद है।
स्पेनिश समाचार एजेंसी ईएफई के मुताबिक अच्छी शिक्षा प्राप्त इन महिलाओं को पाकिस्तान के शक्तिशाली संस्थान सेना में अपने प्रवेश का सपना साकार होने के बाद अपने देश की रक्षा के लिए जल्द ही हथियार मिलने की उम्मीद है। ये मिलिट्री एकेडमी से प्रशिक्षण प्राप्त महिलाएं हैं।
काकुल की मिलिट्री एकेडमी में प्रशिक्षण लेने वाला यह महिलाओं का सातवां बैच है। यहां से अब तक 200 महिलाएं स्नातक हो चुकी हैं। पूर्व राष्ट्रपति व पाकिस्तानी सेना के पूर्व प्रमुख जनरल परवेज मुशर्रफ ने 2006 के आखिर में सेना में महिला अधिकारियों को शामिल करने का निर्णय लिया था। उनके इस निर्णय के बाद से महिलाओं में सेना में शामिल होने के प्रति उत्सुकता बढ़ती जा रही है।
दशकों पहले ब्रिटिश सरकार द्वारा गठित मिलिट्री एकेडमी के प्रभारी जनरल राहिल शरीफ कहते हैं, "यह सफल प्रयोग रहा है। समय के साथ कैडेट्स की संख्या बढ़ती जा रही है और इसी के साथ उनका इस्तेमाल भी बढ़ता जा रहा है। हमारे पास यह संख्या हजार (चार साल पहले) से बढ़कर वर्तमान में 2,350 तक पहुंच गई है।"
वर्ष 1947 में पाकिस्तान के गठन के बाद से महिलाएं सशस्त्र बलों के चिकित्सा विभाग का हिस्सा बनती रही हैं। वर्तमान में चिकित्सा विभाग में 1,000 महिलाएं कार्यरत हैं।
मिलिट्री एकेडमी के अलावा पिछले दशक में पाकिस्तानी नौसेना ने भी महिलाओं के लिए अपने द्वार खोले हैं। वर्तमान में नौसेना में 100 से ज्यादा महिला अधिकारी हैं। इसके साथ ही वायु सेना में करीब एक दर्जन महिला लड़ाकू पायलट हैं यद्यपि वे अब भी सैन्य अभियानों का हिस्सा नहीं बनती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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