माया सरकार के फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पारित करेंगे महापौर
अखिल भारतीय महापौर परिषद के अध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से अलीगढ़ के महापौर आशुतोष वाष्र्णेय ने लखनऊ में बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मायावती सरकार का यह फैसला पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। आगामी 25 से 27 जून तक मुंबई में होने वाली अखिल भारतीय महापौर परिषद की आम बैठक में हम बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सरकार के इस कदम के विरोध में प्रस्ताव पारित कराएंगे।
वाष्र्णेय ने कहा कि देश भर के 135 महापौरों वाले अखिल भारतीय महापौर परिषद में प्रस्ताव पारित कराने के अलावा हम हर स्तर पर इसका विरोध करेंगे। उन्होंने जोर दिया कि हम इस अलोकतांत्रिक कदम के खिलाफ सड़कों से लेकर अदालत तक लड़ाई लड़ेंगे और मायावती सरकार को बाध्य करेंगे कि वह स्थानीय निकाय चुनावों को गैरदलीय कराने के फैसले पर पुनर्विचार कर इसे वापस ले।
उत्तर प्रदेश में भाजपा के सभी आठ महापौर उप्र महापौर परिषद के बैनर तले बुधवार को राज्यपाल बी.एल.जोशी से मिले और सामूहिक रूप से ज्ञापन देकर उनसे इस मामले में दखल देने की मांग की।
उप्र महापौर परिषद के अध्यक्ष एवं लखनऊ के महापौर दिनेश शर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि आजादी के बाद से लगातार छह दशकों से राज्य में दलीय आधार पर नगर निकाय के चुनाव होते रहे हैं। बसपा सरकार ने पहली बार गैर दलीय चुनाव कराने के लिए नियमावली बनाकर संविधान की मूल भावना से छेड़छाड़ की है।
उन्होंने जोर दिया कि बसपा का नगर निगमों में कोई अस्तित्व नहीं है और वह 2012 विधान सभा चुनाव से पहले इन पर किसी भी तरह कब्जा करना चाहती है।
शर्मा के मुताबिक राज्यपाल ने उन्हें भरोसा दिया कि वह इसका परीक्षण कराएंगे।
मालूम हो कि विपक्षी दलों के विरोध को दरिकनार करते हुए मायावती सरकार ने स्थानीय निकाय चुनावों को गैर दलीय कराने के अपने फैसले को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री मायावती की अध्यक्षता में गत शुक्रवार को मंत्रपरिषद ने उप्र नगर पालिका (सदस्यों, पार्षदों, अध्यक्षों एव महापौरों का निर्वाचन) नियमावली 2010 को अनुमोदित कर दिया। प्रदेश में निकाय चुनाव नवंबर 2011 में होने हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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