भारत का गौरव है तमिल इतिहास : पाटील
कोयम्बटूर, 23 जून (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने कहा है कि तमिल इतिहास भारत का गौरव है और दूसरे धर्मो का सम्मान ही तमिल संस्कृति है।
पाटील बुधवार को कोयम्बटूर में अंतर्राष्ट्रीय शास्त्रीय तमिल सम्मेलन के उद्घाटन के मौके पर बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि एक महान संस्कृति की वाहक होने की वजह से 2004 में तमिल को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया गया।
पांच दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में शिरकत करने आए हजारों प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "तमिलों ने न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया की सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ाने का काम किया है।"
राष्ट्रपति ने कहा कि तमिल समुदाय ने भारत की आजादी की लड़ाई में अहम योगदान दिया। सुब्रमण्य भारथियार और भारती दासन ने अपनी कविताओं के माध्यम से लोगों के बीच देशभक्ति को बढ़ावा दिया।
इस मौके पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने कहा कि तमिल न सिर्फ एक अंतर्राष्ट्रीय भाषा है बल्कि दुनिया की सभी भाषाओं की जननी समान भी है। राज्यपाल सुरजीत सिंह बरनाला और उप मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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