समलैंगिक पुरुषों की याददाश्त होती है बेहतर
टोरंटो, 23 जून (आईएएनएस)। समलैंगिक पुरुष अपने विषमलिंगी साथियों की तुलना में परिचितों के चेहरे तेजी से और अधिक सटीकता के साथ याद रख सकते हैं। एक नए अध्ययन के मुताबिक महिलाओं की तरह ही समलैंगिक पुरुष मस्तिष्क के दोनों हिस्सों का इस्तेमाल करते हैं।
यॉर्क विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान की सहायक प्रोफेसर व अध्ययनकर्ता जेनीफर स्टीव्स ने अध्ययन में चेहरे पहचानने की क्षमता पर लिंग के प्रभाव और यौन अभिविन्यास का अध्ययन किया था।
उन्होंने बताया कि चेहरों को पहचानने में समलैंगिक पुरुष विषमलिंगी महिलाओं की तरह ही अपने मस्तिष्क के दोनों हिस्सों का इस्तेमाल करते हैं। विषमलिंगी पुरुष इसके लिए मस्तिष्क के दांए हिस्से का ही इस्तेमाल करते हैं।
स्टीव्स ने कहा, "हमारे परिणाम बताते हैं कि समलैंगिक पुरुष और विषमलिंगी महिलाएं चेहरे पहचानने में मस्तिष्क के दोनों हिस्सों का इस्तेमाल करते हैं। इससे संग्रहित जानकारी तेजी से मिलने लगती है।"
अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों को 10 चेहरों की तस्वीरें दिखाकर उन्हें याद रखने और उन्हें 50 अन्य चेहरों में से पहचानने के लिए कहा गया था। प्रतिभागियों को केवल कुछ मिलीसेकंड्स के लिए ही ये तस्वीरें दिखाई गई थीं।
ये सभी तस्वीरें श्वेत-श्याम थीं और इनकी स्पष्ट पहचान बताने वाले कान, बाल और दाग-धब्बों को निकालने के लिए इनका संपादन किया गया था। इसके बाद ये तस्वीरें प्रतिभागियों को दिखाकर उन्हें जल्दी से जल्दी उन्हें पहचानने के लिए कहा गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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