जनजातियों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार
आयुक्त के अनुसार, श्रेष्ठ जनजातीय उपलब्धि धारक को राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाएगा, जिसके तहत दो पुरस्कार दिए जाएंगे। इनमें एक पुरूष जनजातीय उपलब्धिधारक तथा एक महिला जनजातीय उपलब्धि धारक को यह पुरस्कार दिया जाएगा।
यह पुरस्कार अंतरराष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय स्तर पर खेलों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए, इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य संकायों में स्नातक तथा स्नात्तकोतर स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए, नृत्य, नाटक इत्यादि सांस्कृतिक स्पर्धाओं में दीर्घकालीन उपलब्धि के लिए तथा विज्ञान, तकनीक और जैव विविधता संरक्षण तथा अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए दिया जाएगा।
प्रत्येक पुरस्कार के तहत दो लाख रुपये, एक प्रशस्तिपत्र तथा ट्राफी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक अन्य राष्ट्रीय पुरस्कार जनजातियों के लिए अनुकरणीय सामुदायिक सेवा प्रदान करने के लिए दिया जाएगा। यह पुरस्कार व्यक्तियों, पंचायती राज संस्थानों, स्वयं सेवी संस्थाओं, स्वैच्छिक संगठनों तथा समुदाय आधारित संस्थानों को दिया जाएगा। इस पुरस्कार के तहत पांच लाख रुपये नकद, एक प्रशस्तिपत्र तथा ट्राफी प्रदान की जाएगी।
श्रेष्ठ जनजातीय उपलब्धि धारक तथा जनजातीयों को प्रदान की गई अनुकरणीय सामुदायिक सेवा के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए प्रार्थना पत्र किन्नौर, स्पीति, लाहुल, भरमौर और पांगी के परियोजना अधिकारी, एकिकृत जनजातीय विकास परियोजना के कार्यालय में 15 जुलाई, 2010 तक पहुंच जाने चाहिए।
एकिकृत जनजातीय विकास परियोजना कार्यालयों में छंटनी के पश्चात इन प्रार्थना पत्रों को 15 अगस्त, 2010 तक आयुक्त, जनजातीय विकास को प्रषित किया जाएगा। इसके बाद इसे केंद्रीय जनजातीय मामले मंत्रालय को भेजा जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications