बापी महतो को 10 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा गया
कोलकाता, 22 जून (आईएएनएस)। ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी बापी महतो को मंगलवार को पश्चिम मिदनापुर की अदालत ने 10 दिन के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो की हिरासत में भेज दिया गया।
बापी को रविवार को झारखण्ड में गिरफ्तार किया गया था और आगे की जांच के लिए पुलिस सोमवार को ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल ले आई थी। उसे मंगलवार को झारग्राम में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया।
सीबीआई के अधिवक्ता पार्थ तपस्वी ने कहा कि बापी को आश्रय देने के लिए गिरफ्तार किए गए उसके रिश्तेदार विमल महतो को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
मनोज उर्फ बापी नक्सल समर्थक पुलिस संत्रास विरोधी जनसाधारण समिति (पीसीएपीए) का प्रमुख सदस्य है। वह झारग्राम इलाके में सिद्धू कानू गन मिलिशिया का संयोजक है।
एक सीबीआई अधिकारी ने बताया कि बापी ने पूछताछ में ज्ञानेश्वरी हादसे से जुड़े अन्य आरोपियों के नामों का भी खुलासा किया है जिससे आगे की जांच में मदद मिलेगी।
सोमवार को बापी और विमल महतो से मिदनापुर पुलिस लाइंस में कई घंटे पूछताछ की गई जिससे सीबीआई अधिकारियों को पता चला कि इस जघन्य घटना के लिए नक्सलियों ने उन्हें ठौर देने से मना कर दिया था।
अपराध जांच शाखा (सीआईडी) ने अपनी जांच के दौरान बापी महतो और उमाकांत महतो को आरोपी बताया था। इसके बाद वे अपने घर से भाग गए और आश्रय के लिए नक्सलियों से संपर्क साधा।
सीबीआई सूत्र ने कहा कि नक्सलियों द्वारा इंकार किए जाने के बाद बापी पश्चिम बंगाल और झारखण्ड के जंगलों में छिपते हुए जमशेदपुर पहुंचा।
दोनों पर भारतीय रेलवे एक्ट के तहत रेलगाड़ी को जबरदस्त तरीके से नुकसान पहुंचाने और रेलवे संपत्ति को तबाह करने से संबंधित अपराधों के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनके ऊपर हत्या, हत्या का प्रयास और आपराधिक षडयंत्र रचने के अपराधों के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
इस बीच पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक भूपिंदर सिंह ने कहा कि बापी की गिरफ्तारी के बाद उस पर घोषित एक लाख रुपये इनाम की राशि पश्चिम बंगाल और झारखण्ड के पुलिसकर्मियों के बीच वितरित कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि बापी महतो को रविवार को झारखण्ड के पूर्वी सिंहभूम जिले में एक गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया गया था।
पिछले माह की 28 तारीख को हावड़ा से मुंबई जा रही ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस सरडीहा और खेमासुली स्टेशनों के बीच पटरी से उतर गई तभी दूसरी पटरी पर आ रही मालगाड़ी ने उसके डिब्बों को रौंद दिया था।
पहले इस मामले की जांच राज्य पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने की थी। बाद में 10 जून को इस मामले को सीबीआई के हवाले कर दिया गया।
सीआईडी ने इस मामले में खगेन महतो, समीर महतो और एक संदिग्ध हीरालाल महतो को गिरफ्तार किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications