बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में भाजपा के 4 मंत्रियों ने हिस्सा लिया
पूर्व में यह माना जा रहा था कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (युनाइटेड) के रिश्ते में चल रहे खटास के कारण भाजपा के मंत्री मंत्रिमंडल की बैठक में भाग नहीं लेंगे।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता की माने तो राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने दिल्ली जाने के पूर्व उन सभी मंत्रियों को मंत्रिमंडल की बैठक में जाने का निर्देश दिया था जो पटना में उपस्थित रहेंगे। हालांकि मंत्री गिरीराज सिंह ने दोपहर तक पटना में रहने के बावजूद मंत्रिमंडल की बैठक में भाग नहीं लिया। सिंह दोपहर के बाद निजी कार्य बताते हुए मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हो गए।
मंत्रिमंडल की बैठक में भाजपा कोटे से राज्य के पथ निर्माण मंत्री प्रेम कुमार सिंह, कला एवं संस्कृति मंत्री रेणु कुमारी, श्रम मंत्री अवधेश नारायण तथा पर्यटन मंत्री राम प्रवेश राय ही शामिल हुए। भाजपा की कोर ग्रुप की बैठक में भाग लेने के लिए सुशील कुमार मोदी और नंदकिशोर यादव दिल्ली गए हैं।
उल्लेखनीय है कि भाजपा की कोर ग्रुप की दिल्ली में मंगलवार की देर शाम होने वाली बैठक में जद (यू) के साथ गठबंधन में रहने के मुद्दे पर विचार होना है। इस बैठक के लिए बिहार के वरिष्ठ नेताओं को भी बुलाया गया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सी़ पी़ ठाकुर पहले से ही दिल्ली में हैं। भाजपा के एक नेता की मानें तो भाजपा के मंत्री इस बैठक का बहिष्कार करेंगे। सूत्रों की मानें तो भाजपा में जद (यू) के साथ गठबंधन को लेकर के भी दो पक्ष हैं। कुछ नेता जहां गठबंधन के पक्ष में हैं तो कई नेता इसके विरोध में खड़े हैं।
इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर ने मंगलवार को आईएएनएस से टेलीफोन पर बातचीत में कहा कि अब तक इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आज होने वाली बैठक में इस मामले पर चर्चा होने की संभावना है। उन्होंने जद (यू) के साथ गठबंधन से अलग होने की बात को टालते हुए कहा कि भाजपा के नेता इस मसले पर आज विचार करेंगे।
सूत्रों के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चाहते हैं कि राज्य में नवंबर महीने में होने वाले विधान सभा चुनाव में भाजपा के नरेन्द्र मोदी और वरूण गांधी राज्य में प्रचार करने नहीं आए। यह भाजपा के लिए गंभीर समस्या है कि वे अपने स्टार प्रचारक को प्रचार से अलग कैसे रखे। हालांकि भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने दिल्ली में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि जद (यू) की ओर से कोई संदेश नहीं आया है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने बिहार में बाढ़ पीडितों के लिए गुजरात से आई सहायता राशि को लौटा दिया था और चौदह वर्ष पूर्व बने इस गठबंधन में गांठ पड़ गई। इधर, बाढ़ प्रभावित इलाके के लोग बाढ़ सहायता राशि वापस किये जाने से नाराज हैं। लोगों का कहना है कि बाढ़ सहायता राशि पर राजनीति नहीं करनी चाहिये।
इधर, राजनीति विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार मुसलमान मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए भाजपा से दूरी दिखाने चाहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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