नगर निगम को 3 दिन में भुगतान करें सेल्युलर ऑपरेटर : अदालत (लीड-2)
न्यायाधीश आर. एम. लोढा और न्यायाधीश ए. के. पटनायक की अवकाशकालीन खंडपीठ ने भुगतान के लिए सेल्युलर ऑपरेटरों को तीन दिन का समय दिया।
अदालत ने हालांकि ऑपरेटरों के हितों को ध्यान में रखते हुए कहा कि नगर निगम तब तक एफडीआर नहीं बढ़ा सकती जब तक कि यह मामला उच्च न्यायालय के विचाराधीन है।
सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की थी। उच्च न्यायालय ने ऑपरेटरों से वृद्धि किए गए शुल्क का आधे हिस्से का भुगतान नगर निगम को दो हिस्सों में करने का आदेश दिया था। आधी राशि को नगर निगम के पास जमा करना था जबकि आधी राशि को एफडीआर के माध्यम से देना था।
दिल्ली में 5500 से अधिक मोबाइल टावर हैं। न्यायालय के आदेश से ऑपरेटरों पर कुल 55 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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