गैस त्रासदी : अर्जुन सिंह सहित 4 के खिलाफ एक और परिवाद दायर
गस पीड़ित निराश्रित पेंशन भोगी संघर्ष मोर्चा, पीड़ित लक्ष्मी बाई और रामप्यारी बाई की ओर से बुधवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी भेापाल की अदालत में अधिवक्ता साधना पाठक ने परिवाद दायर किया है। इस परिवाद में कहा गया है कि दो-तीन दिसम्बर 1984 की रात को यूनियन कार्बाइड कारखाने से रिसी गैस में 15000 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि लाखों लोग अब भी इससे प्रभावित हैं।
परिवाद में आगे कहा गया है कि वारेन एंडरसन को सात जून 1984 को गिरफ्तार कर छोड़ दिया गया। यह साजिश तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह, तत्कालीन कलेक्टर मोती सिंह, पुलिस अधीक्षक स्वराज पुरी और हनुमान गंज थाना प्रभारी सुरेंद्र सिह ने रची थी लिहाजा इन चारों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर दंडित किया जाए। इस परिवाद को स्वीकार कर लिया गया है और सुनवाई 29 जून को होगी।
इससे पहले तीन परिवाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दायर किए जा चुके हैं। अधिवक्ता फुरकान खान की ओर से दायर किए गए परिवाद में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह, उनके बेटे अजय सिंह, तत्कालीन मुख्य सिंचव ब्रह्म स्वरूप और हनुमानगंज थाने के तत्कालीन प्रभारी सुरेंद्र सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की अपील की गई है।
इसी तरह गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के संयोजक अब्दुल जब्बार व शाहनवाज की ओर से दायर किए गए परिवाद में तत्कालीन कलेक्टर मोती सिंह व पुलिस अधीक्षक स्वराज पुरी पर आपराधिक मामला दर्ज करने की अपील की गई है। इससे पहले परवेज खान ने भी एक परिवाद दायर किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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