'मज़दूरों के साथ बेहतर व्यवहार हो'

चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने कहा है कि देश के ग्रामीण इलाक़ों से काम करने के लिए शहरों में आ रहे लोगों के साथ बेहतर व्यवहार होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि चीन की समृद्धि और ऊंची ऊंची इमारतें उन्हीं ग्रामीण कामगारों की देन है और अधिकारियों को उनके साथ अपने बच्चों जैसा व्यवहार करना चाहिए.
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय मे आया है जब देश के कई इलाक़ों में मज़दूरों ने हड़ताल किए हैं और आत्महत्याओं की ख़बरें भी आई हैं.
चीन में पिछले कुछ समय में बड़ी संख्या में ग्रामीण इलाक़ों से लोग पलायन कर शहरों में आए हैं. कुछ आकड़ों के अनुसार यह संख्या दो करोड़ तक आंकी गई है और इसे मानव इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा पलायन भी कहा जा रहा है.
चीन के शहरी इलाक़ों में हुए ज़बर्दस्त विकास के दौर में मज़दूरों की ज़रुरत इन्हीं ग्रामीणों ने पूरी की है. इन ग्रामीण मज़दूरों का अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान रहा है लेकिन सरकार ने इनके लिए भी देश की निवास परमिट व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया है.
परमिट व्यवस्था के तहत किसी भी व्यक्ति को उसी जगह पर मेडिकल और अन्य सुविधाएं मिल सकती हैं जहां का वो निवासी है.
इस नियम के तहत अगर ग्रामीण काम की तलाश में शहरों में आकर रहते हैं तो उन्हें किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य और अन्य सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं.












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