गैस त्रासदी मामले में सीबीआई का रवैया लचर : प्रभात झा
प्रधानमंत्री को लिखे गए खत में भोपाल गैस त्रासदी के मुख्य आरोपी वारेन एंडरसन को गिरफ्तारी के बाद छोड़े जाने और तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की भूमिका का जिक्र किया गया है। इतना ही नहीं 1989 में गैस पीड़ितों की ओर से केंद्र सरकार द्वारा समझौता किए जाने पर सवाल उठाए गए है।
उन्होंने कहा है कि 1996 में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को मामला दिए जाने की बजाय बेहतर होता कि इस प्रकरण को भी गोधरा कांड की तरह विशेष न्यायालय के सुपुर्द किया जाता। ऐसा ही शहवानो प्रकरण में केंद्र सरकार ने किया था।
सीबीआई की भूमिका पर सवाल उठाते हुए झा ने लिखा है कि सीबीआई ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन ठीक तरह से नहीं किया बल्कि राजनीतिक दबाव (कांग्रेस पार्टी )में आज भी काम कर रही है।
झा की मांग है कि एंडरसन के प्रत्यार्पण के लिए केंद्र सरकार पहल करे। ऐसा इसलिए क्योंकि मामला अभी भी खुला हुआ है। वहीं उन्होंने भरोसा दिलाया है कि केंद्र सरकार की इस पहल में भाजपा पूरा साथ देगी। पत्र की प्रतिलिपि कानून व न्याय मंत्री तथा गृहमंत्री को भी भेजी गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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