किर्गिस्तान को सहायता की पेशकश
सीएसटीओ के महासचिव निकोलेई बोर्दीयुझा ने कहा, "वर्तमान में उनके पास इस स्थिति से निपटने की पर्याप्त क्षमता है लेकिन विशेष उपकरण, हेलीकॉप्टर, सड़क परिवहन, तेल और गैस जैसे संसाधन नहीं हैं।"
बोर्दीयुझा ने रूसी राष्ट्रपति देमित्री मेदवेदेव से कहा कि यदि इसकी मंजूरी मिलती है तो इस योजना को सबसे पहले लागू किया जाएगा।
गौरतलब है कि सीएसटीओ सदस्यों की सोमवार को होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए पारित किया जाएगा।
रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव बोर्दीयुझा ने बताया कि किर्गिस्तान के प्रतिनिधि सीएसटीओ में शामिल देशों को लगातार वहां की स्थिति के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
सीएसटीओ में किर्गिस्तान, रूस, आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकस्तान, उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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