Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

एंडरसन के प्रत्यर्पण पर निष्पक्ष फैसला करेगा अमेरिका

नई दिल्ली। अमेरिका ने कहा है कि अगर भोपाल गैस त्रासदी के संदर्भ में भारत यूनियन कार्बाइड के तत्कालीन प्रमुख वारेन एंडरसन के प्रत्यर्पण की मांग करता है तो उस पर निष्पक्षता से विचार किया जाएगा। नवासी वर्षीय एंडरसन और उसकी पत्नी लिलियान इन दिनों न्यूयार्क के निकट ब्रिजहैम्पटन में रहते हैं। उनका वेरो बीच में भी एक मकान है। माना जा रहा है कि वह बहुत बूढ़ा हो गया है और उसे सुनाई नहीं देता। भारत में उसके प्रत्यर्पण की मांग उठ रही है।

पढ़ें - भोपाल की खबरें

अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता पीजे क्राउली कहा, "प्रत्यर्पण से जुड़े आवेदन गोपनीय होते हैं। मैं अभी यह बताने की स्थिति में नहीं हूं कि हमारे पास ऐसा कोई आग्रह आया है या हमने इस संबंध में कोई जवाब दिया है।" क्राउली ने कहा, "भारत के साथ हमारी प्रत्यर्पण संधि है। अगर भारत एंडरसन के प्रत्यर्पण की मांग करता है तो हम इस पर निष्पक्षता से विचार करेंगे।" वर्ष 1984 में हुई इस भयावह त्रासदी के बाद एंडरसन को गिरफ्तार किया गया था लेकिन उसे कुछ घंटों बाद ही 25,000 रुपये के मुचलके पर जमानत मिल गई थी।

प्रवक्ता ने कहा, "मुझे नहीं पता कि वर्ष 1984 में एंडरसन ने किस कागजात पर दस्तखत किए थे। मैं आपसे इतना कह सकता हूं कि अगर भारत सरकार प्रत्यर्पण का आवेदन करती है तो हम इसका पूरे ध्यान से मूल्यांकन करेंगे।" पिछले सप्ताह अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य फ्रैंक पैलोन ने कहा था कि एंडरसन को भारत प्रत्यर्पित कर देना चाहिए। उन्होंने कहा था, "एंडरसन सहित भोपाल त्रासदी के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को भारत में कानूनी कटघरे में खड़ा करना चाहिए।"

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+