अफगानिस्तान के प्रति क्षेत्रीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील
ताशकंद, 11 जून (आईएएनएस)। छह देशों के शंघाई सहकारी संगठन (एससीओ) सम्मेलन में भारत ने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए क्षेत्रीय दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है और युद्धग्रस्त अफगानिस्ता में एससीओ क्षेत्रीय दृष्टिकोण के साथ रचनात्मक भूमिका निभा सकता है।
विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने उज्बेक की राजधानी ताशकंद में एससीओ के पूर्ण सत्र के दौरान कहा, "एससीओ ने पिछले कुछ महीनों के दौरान अंतर्राष्ट्रीय मसलों पर विचार-विमर्श के दौरान अफगानिस्ता के भविष्य के प्रति रचनात्मक भूमिका निभाई है और दूरदृष्टि का परिचय दिया है।"
उन्होंने कहा, "हम इसकी सराहना करते हैं और विश्वास करते हैं कि अफगानिस्तान मसले पर वैश्विक विमर्श में सकारात्मक योगदान देगा। एससीओ निश्चित रूप से शांतिपूर्ण और स्थिर अफगानिस्तान की स्थापना में अपनी रचनात्मक भूमिका निभा सकता है।"
एससीओ सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे कृष्णा को उम्मीद है कि भारत को उस दौरान उसे क्षेत्रीय समूह में संपूर्ण सदस्यता मिल जाएगी।
सम्मेलन में क्षेत्रीय समूह की सदस्यता के नियमों एवं प्रक्रियाओं को स्पष्ट किया जाएगा। इस समूह के सदस्य देशों में रूस, चीन, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान,किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।
एससीओ देशों के विदेश मंत्रियों ने पिछले सप्ताह बैठक की और नए सदस्यों को शामिल करने की प्रक्रिया निर्धारित की।
एससीओ में भारत के साथ पाकिस्तान, ईरान और मंगोलिया को जल्द ही सदस्यता मिलने की संभावना है। इन देशों को अब तक पर्यवेक्षक का दर्जा हासिल है।
भारत ने पिछले कुछ महीनों में एससीओ की सदस्यता लेने में रुचि दिखाई थी, क्योंकि यह संगठन क्षेत्रीय सुरक्षा एवं विद्युत आपूर्ति में सहयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले वर्ष रूस के येकतेरिनबर्ग में हुए एससीओ सम्मेलन में पर्यवेक्षक के रूप में भाग लिया था। अब भारत पहली बार इस क्षेत्रीय सम्मेलन में प्रतिनिधित्व कर रहा है।
एससीओ ने ताशकंद में क्षेत्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र स्थापित किया है। भारत चाहता है कि अफगानिस्तान भी इसमें शामिल हो।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications