मोती सिंह और स्वराज पुरी के खिलाफ परिवाद दायर
भोपाल गैस त्रासदी के 25 साल बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत द्वारा सात जून को सात आरोपियों को दो-दो साल की सजा और कंपनी यूनियन कार्बाइड इंडिया पर पांच लाख का जुर्माना लगाया गया है। उसके बाद वारेन एंडरसन के भोपाल से भागने में तत्कालीन कलेक्टर मोती सिंह व पुलिस अधीक्षक स्वराज पुरी की मदद का खुलासा होने पर अधिवक्ता परवेज आलम ने शुक्रवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में परिवाद दायर कर दोनों तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है।
परवेज की ओर से दायर परिवाद में कहा गया है कि तत्कालीन दोनों अधिकारियों ने एंडरसन को भगाने में न केवल मदद की थी, बल्कि गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज होने के बावजूद मुचलके पर रिहा किया था। लिहाजा इनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। सीजेएम ने दायर परिवाद पर सुनवाई की तारीख दो जुलाई तय की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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