केंद्र ने ब्रॉडबैंड स्पैक्ट्रम से अरबों रुपये कमाए (लीड-2)

इंफोटेल ब्रॉडबैंड सर्विसेज ने सभी 22 सर्किलों में ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए लाईसेंस हासिल किया है। ।

देश के 22 सर्किलों में दो-दो स्लॉट की नीलामी के लिए कुल 16 दिनों तक चले 117 दौर में रिलायंस कम्युनिकेशन्स जैसी बड़ी दूरसंचार कंपनियां ने भी ऊंची कीमतों के चलते बोली से खुद को अलग कर लिया।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पूरे देश में सेवा के लिए लाइसेंस की बोली 12,847.77 करोड़ रुपये (2.85 अरब डॉलर) लगाई गई। कुल 16 दिनों तक चली इस नीलामी प्रक्रिया में 11 कंपनियों ने हिस्सा लिया।

पूरे देश में सेवा के लिए लाइसेंस की बोली 24 मई से शुरू हुई नीलामी प्रक्रिया में सरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम कीमत 1,750 करोड़ रुपये से 634 प्रतिशत ज्यादा कीमत लगाई गई है।

इंफोटेल ब्रॉडबैंड सर्विसेज ने सभी 22 सर्किलों में ब्रॉडबैंड सेवाओं की बोली जीती है, एयरसेल ने सात, टिकोना ने पांच, क्वालकॉम और भारती ने चार-चार और ऑगर ने एक क्षेत्र में बोली जीती है।

रिलायंस कम्युनिकेशन्स और आइडिया ने नीलामी प्रक्रिया के बीच में खुद को अलग कर लिया था इन कंपनियों का कहना है कि वे 3-जी सेवाओं पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं।

रिलायंस कम्युनिकेशन्स के प्रवक्ता ने कहा, "(बीडब्ल्यूए) नीलामी की बोलियां हमारे व्यापारिक अनुमान से बहुत ऊंची चली गई थीं। हम अपने 3-जी स्पैक्ट्रम के अधिकतम 13 सर्किलों में और सीडीएमए 3जी रेडी प्लान के जरिए ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।"

3-जी सेवाओं के स्पैक्ट्रम के लिए रिलायंस ने 13 सर्किलों के लिए 8,585.04 करोड़ रुपये चुकाए हैं जबकि आईडिया ने 3-जी सेवाओं के 11 सर्किलों के लिए 5,768.59 करोड़ रुपये चुकाए हैं।

भारती एयरटेल ने ब्रॉडबैंड के लिए महाराष्ट्र, कर्नाटक, कोलकाता और पंजाब के चार क्षेत्रों के लिए 3,314.36 करोड़ रुपये की बोली जीती है। भारती पहले ही 3-जी सेवाओं के लिए 12,295.46 करोड़ रुपये चुका चुकी है।

भारती एयरटेल ने अपने एक बयान में कहा, "नीलामी प्रक्रिया के प्रारूप और स्पैक्ट्रम की कमी की वजह से एक बार फिर बोली काफी ऊंची कीमत में लगी है, कंपनी ने चयनित क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड की बोली खरीदी है।"

इससे पहले सरकार को तीसरी पीढ़ी (3जी) की दूरसंचार सेवाओं के लिए स्पैक्ट्रम की नीलामी से 67,719 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। बीडब्ल्यूए नीलामी से मिले राजस्व को जोड़ने पर सरकार का कुल राजस्व 1.06 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

देश में मोबाइल और लैपटॉप कम्प्यूटरों पर वायरलेस इंटरनेट सेवा देने के लिए 'वर्ल्डवाइड इंटरऑपरेबिलिटी फॉर माइक्रोवेव एक्सेस' (वाइमैक्स) सेवाओं हेतु कंपनियों को बीडब्ल्यूए स्पैक्ट्रम प्राप्त करना जरूरी है।

दूरसंचार विभाग की वेबसाइट के मुताबिक मंबई और दिल्ली के सर्किलों के लिए सबसे ज्यादा बोली लगी है। मुंबई के लिए बोली 2,292.95 करोड़ रुपये और दिल्ली की बोली 2,241.02 करोड़ रुपये लगाई गई है।

इस स्पैक्ट्रम को पाने के बाद कंपनियां तेज गति वाली इंटरनेट, इंटरनेट टेलिफोनी और इंटरनेट टेलिविजन की सेवाएं शुरू कर सकती हैं। इसका उपयोग दूरसंचार एवं डाटा ट्रांसफर सुविधाओं के लिए भी किया जा सकेगा।

इस नीलामी में भारती एयरटेल, रिलायंस वाइमैक्स, आइडिया सेल्युलर, एयरसेल, ऑगर मारीशस लिमिटेड, इंफोटेल ब्राडबैंड सर्विसेज, क्वालकॉम, स्पाइस इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर, टाटा कम्युनिकेशन्स इंटरनेट सर्विसेज, टिकोना डिजिटल नेटवर्क्‍स और वोडाफोन एस्सार ने हिस्सा लिया।

महानगर दूरसंचार निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) और भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) को 20 मेगाहट्र्ज के एक-एक ब्लाक पहले ही दिए जा चुके हैं। इन दोनों कंपनियों को जीतने वाली कंपनी द्वारा लगाई गई बोली के बराबर धन का भुगतान करना होगा।

दूरसंचार विभाग के मुताबिक बोली जीतने वाली कंपनियां तत्काल ही इन स्पैक्ट्रमों का व्यावसायिक उपयोग शुरू कर सकती हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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