प्रतिबंध कूड़ेदान में फेंकने लायक: ईरान

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रमिन मेहमानपरस्त ने इन नई पाबंदियों को 'ग़लत क़दम' क़रार देते हुए कहा है कि इससे समस्या और जटिल हो जाएगी. दूसरी ओर अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि इन प्रतिबंधों से परमाणु हथियारों को विस्तार को रोकने की दिशा में साफ़ संदेश जाएगा.
हालांकि मतदान के बाद अमरीका ने कहा कि वह अब भी ईरान से रचनात्मक बातचीत करने के लिए तैयार हैं. इसके पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम की वजह से नए प्रतिबंध लगाए थे. ये ईरान पर चौथे दौर के प्रतिबंध हैं.
तुर्की और ब्राज़ील की आपत्तियों के बावजूद सुरक्षा परिषद ने इन प्रस्तावों को पारित कर दिया था. ब्राज़ील और तुर्की ने प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ मत दिया जबकि लेबनान ने अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया.
कुल मिलाकर प्रतिबंधों के पक्ष में 12 देशों से मत दिया. अमरीका और उसके सहयोगी देशों की आशंका है कि ईरान चुपचाप परमाणु हथियारों का निर्माण कर रहा है जबकि ईरान कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है.












Click it and Unblock the Notifications