ब्रिटेन में खर्च कटौती के चलते बेरोजगारी बढ़ेगी
लंदन, 10 जून (आईएएनएस)। ब्रिटिश सरकार की प्रस्तावित खर्च कटौती योजना के चलते वर्ष 2015 तक सरकारी क्षेत्र में पांच लाख नौकरियां कम हो सकती हैं इससे ब्रिटेन में बेरोजगारों की संख्या बढ़कर 30 लाख हो जाएगी।
चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ पर्सनल एण्ड डेवलपमेंट (सीआईपीडी) ने अपनी एक रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि 2015 तक वेतन में बढ़ोतरी की संभावना बहुत कम है और सार्वजनिक क्षेत्र में वेतन में कमी होगी है।
ब्रिटेन में प्रस्तावित 22 जून के बजट में चांसलर राजस्व घाटे को कम करके 156 अरब पाउंड कर सकते हैं।
प्रमुख आर्थिक सलाहकार जॉन फिलिप ने कहा है कि देश में बेरोजगारों की संख्या 2012 तक बढ़कर 29.5 लाख हो जाएगी जो 2015 तक इसी स्तर के करीब बनी रहेगी।
फिलिप ने कहा कि इस दौरान सार्वजनिक क्षेत्र में पांच लाख नौकरियों की कमी होगी। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक देश में बेरोजगारों की संख्या अभी 25 लाख है।
फिलिप ने कहा कि खर्च में कमी की मार झेलने के लिए लोग तैयार रहें।
उन्होंने कहा, "नौकरियों में कमी और वेतन में बढ़ोतरी न होने का असर पूरे समाज पर पड़ता है।"
ब्रिटेन में खर्च में कमी के कारण अभी भी कर्मचारियों पर काफी बुरा असर पड़ रहा है। चार्टर्ड सोसायटी ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट का कहना है कि लोग ऐसे समय में भी काम पर जा रहे हैं जब वे बहुत तनाव में होते हैं, कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी के चलते उन पर दबाव काफी ज्यादा बढ़ गया है।
सीआईपीडी ने कहा, "यह स्थितियां कर्मचारियों के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण हैं, उन पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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