एंडरसन को भगाने वालों पर मामला दर्ज हो : भाजपा
राज्यसभा सदस्य दवे की ओर से जारी बयान में कहा गया कि एंडरसन का फैसला तो अदालत करेगी लेकिन एंडरसन को भगाने में जिन लोगों ने मदद की है उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए। पहले सजा इन 'गद्दारों' को दी जाना चाहिए।
बयान में कहा गया है कि एंडरसन को न केवल बाहर जाने दिया गया बल्कि तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के आदेश पर शासकीय संरक्षण और सुविधा के साथ छोड़ा गया। दवे ने मांग की है कि उस समय केंद्र और राज्य में महत्वपूर्ण पदों पर जो भी राजनैतिक लोग थे उनके खिलाफ भारतीय दंड विधान के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल गैस त्रासदी के समय के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के चुप्पी साधने पर सवाल खड़े किए हैं और कहा है कि उन्हें चुप्पी तोड़ देना चाहिए ताकि वारेन एंडरसन के भागने की वजह का खुलासा हो सके।
म्ंत्रिपरिषद की बैठक के बाद संवाददाताओं से चर्चा करते हुए मिश्रा ने सोमवार को कहा कि यह कांग्रेस की जवाबदारी है कि अखिर वह इस बात का खुलासा करे कि एंडरसन आखिर कैसे चला गया। वहीं तत्कालीन कलेक्टर मोती सिंह द्वारा सेवानिवृत्ति के बाद एंडरसन को मुख्यसचिव के दबाव में छोड़ने की बात का खुलासा करने को मिश्रा ने महज न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया बताया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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