लघु सिंचाई योजना का नाम परिवर्तित
इसके लिए 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान 8032़ 90 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है, जिसमें से 3409़ 26 करोड़ रुपए केंद्रीय कृषि एवं सहकारिता विभाग द्वारा किसानों को सब्सिडी के रूप में दिये जाएंगे।
इस योजना के तहत वर्ष 2005-06 से लघु सिंचाई प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस प्रौद्योगिकी में फ सल की जरूरत के अनुसार ड्रिप और स्प्रिंगकलर सिंचाई शामिल है। यह प्रौद्योगिकी पानी की खपत में करती है तथा उर्वरक प्रयोग के लिए भी इस्तेमाल की जा सकती है।
इस अभियान के तहत 2,8़50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित बनाने में मिलेगी। इससे सिंचाई के पानी, उर्वरक और बिजली की बचत होगी तथा फ सलों का उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ेगी। इस योजना में अब तक 18 राज्यों में 17़ 92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को लघु सिंचाई के दायरे में लाया गया है तथा केंद्रीय हिस्से के रूप में 2013़ 39 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। योजना के तहत केन्द्र 40 प्रतिशत, राज्य सरकार 10 प्रतिशत और लाभार्थी को 50 प्रतिशत व्यय का भार उठाना होता है ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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