यूनियन कार्बाइड से रिसी गैस के घातक असर से बेखबर थे सभी
गैस हादसे के शिकार लोगों का इलाज करने वाले दल के सदस्य सत्पथी ने बताया कि जब पीड़ितों और शवों को हमीदिया अस्पताल लाया जा रहा था तब यह पता ही नहीं चल पा रहा था कि यह असर किस गैस का है। कारखाने के चिकित्सक डा. एल.डी. लोइया तक यह बता पाने की स्थिति में नहीं थे कि यह किस गैस का असर है और इसका इलाज (एंटी टोड) क्या है।
सत्पथी कहते हैं कि हादसे के वक्त शासन और प्रशासन जरूरतमंदों की मदद की बजाय मौतों का आंकड़ा छुपाने में ज्यादा दिलचस्पी ले रहा था। कोई बता रहा था कि सिर्फ 200 लोगों की मौत हुई है तो कोई इस आंकड़े को और कम बता रहा था।
सत्पथी ने आगे कहा कि मृतकों के शरीर से कुल 22 तरह के केमिकल पाए गए हैं जो किलर टैंक में पाए गए केमिकल के समान है जिससे साफ हो जाता है कि लोगों की मौत का कारण यूनियन कार्बाइड से रिसी गैस है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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