फुटबाल के रंग में रंग चुके हैं नेपाली कैदी
काठमांडू, 10 जून (आईएएनएस)। भारत से मंगवाया गया हितेची का प्रॉजेक्टर, 16 गुणा 10 फुट की विशाल स्क्रीन, इनवर्टर और नये कालीन! यह तैयारी कहीं और नहीं, बल्कि नेपाल की कपिलवस्तु जेल में हो रही है और इसका मकसद कैदियों के फुटबाल विश्व कप के उत्साह को जीवंत करना है।
यह सब कुछ ऋषि कुमार श्रेष्ठ नाम के एक कैदी के प्रयासों से संभव हो सका है। ऋषि के हाथों महज 22 साल की उम्र में अपनी सौतेली मां का कत्ल हो गया था। उम्र कैद की सजा प्राप्त ऋषि इस समय तराई तहसील की कपिलवस्तु जेल में 'जेल गार्ड' है।
उसने आईएएनएस को बताया, "मैं फुटबाल का दीवाना हूं। जेल में यह मेरा आखिरी साल है। मैं 10 साल जेल में बिताने के बाद रिहा होने जा रहा हूं।"
इसके मौके का जश्न मनाने के लिए ऋषि ने जेल प्रशासन को जेल के 40 फुट के हाल में विशाल स्क्रीन लगाने के लिए राजी कर लिया और इसका पूरा खर्च उठाया।
ऋषि ने बताया, "मेरा बड़ा भाई दुबई के शेरेटन होटल में रसोइया है। उसी ने पैसे भेजे।"
इसके लिए भारत से विशाल प्रॉजेक्टर मंगवाया गया और इस गम में डूबी दुनिया को दुनिया से सबसे ज्यादा रोमांचकारी खेल का लुत्फ दिलाने के लिए टाटा स्काई डीटीएच लगवाया गया है।
इतना ही नहीं, बिजली की कटौती खेल का मजा न किरकिरा कर दे, इसके लिए इनवर्टर की भी व्यवस्था की गई है। इस विशाल हॉल में नया कालीन बिछाया गया है ताकि दर्शक आराम से बैठकर मैच का आनंद ले सकें।
ऋषि जैसे कैदियों को शाम पांच से सात बजे तक कोठरियों से बाहर आने की इजाजत है, लेकिन उसके बाद उन्हें वापस (डोर्मिटरी) कोठरी में लौटना पड़ता है, जहां उन्हें रात भर बंद रखा जाता है। सभी 141 कैदियों ने मिलकर चार टीवी सेट खरीदे हैं ताकि वे सभी रातों को मैच देख सकें।
वहां दो और टीवी सेट दान में मिले हैं। एक टीवी पूर्व पुलिस अधीक्षक और दूसरा जिला प्रशासन ने दिया है। ऋषि अर्जेंटीना की टीम का समर्थक है जबकि उसके साथी ब्राजील, स्पेन और इंग्लैंड की टीमों के समर्थक हैं।
कपिलवस्तु जेल ही नहीं, पूरा नेपाल इस समय फुटबाल के रंग में रंग चुका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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