वायुसेना के लिए सुपर हरक्युलिस विमान तैयार
वाशिंगटन, 10 जून (आईएएनएस)। अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन्स ने भारतीय वायुसेना में शामिल होने जा रहे एक अरब डॉलर की कीमत के छह विमानों के सौदे में से तीन सी-130जे सुपर हरक्युलिस विमान तैयार कर लिए है।
जार्जिया में बनाए गए यह विमान इंफ्रारेड तकनीक (आईडीएस) से लैस होंगे और कम ऊंचाई पर उड़ने के साथ-साथ मुश्किल जगहों पर भी उतारे जा सकेंगे।
फरवरी 2011 में इन विमानों की पहली खेप भारत पुहंचने के आसार हैं। विमान निर्माता कंपनी ने बुधवार को कहा कि इन विमानों के भारतीय सेना में शामिल होने के बाद वह विशेष अभियानों के लिए पूरी तरह से सक्षम हो जाएगी।
विमान के बेहतरीन डिजाइन की वजह से हरक्युलिस सेना के विशेष अभियानों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। दुश्मन के इलाकों में सैनिक उतारने के अलावा खराब हवाई पट्टियों पर भी इस विमान को उतारा जा सकता है।
भारतीय वायुसेना को किसी भी समय सौदे के 80 फीसदी विमानों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ लॉकहीड मार्टिन ने वायुसेना से लंबी अवधि का विमान रखरखाव समझौता भी किया है। इससे पहले कंपनी ने अमेरिका, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया और कनाडा की सेनाओं के साथ हुए सौदे में भी इस तरह का समझौता किया है।
यह सी-130 जे सुपर हरक्युलिस विमान सेना के लिए कई कामों में उपयोगी साबित हो सकते हैं। विशेष अभियानों के दौरान सेना को कम जगह में उतरने वाले और सैनिकों को ज्यादा से ज्यादा संख्या में ले जा सकने वाले विमानों की आवश्यकता होती है। हरक्युलिस विमान इन सब कामों को करने में सक्षम हैं।
अमेरिका की डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी (डीएससीए) ने इन विमानों की बिक्री के सौदे के बारे में मई 2007 में कांग्रेस में सूचित कर दिया था।
इस सौदे की घोषणा करते हुए पेंटागन ने कहा था, कि यह अमेरिका के एक महत्वपूर्ण सहयोगी देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत कर विदेश नीति में महत्वपूर्ण योगदान देगा और भारत-अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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