16 लाख भारतीयों ने बनाया अमेरिका में घरौंदा
वाशिंगटन, 10 जून (आईएएनएस)। अमेरिका में वर्ष 2008 में मेक्सिकन और फिलीपीनी लोगों के बाद भारतीय तीसरा विशाल प्रवासी समूह बनकर उभरे। इनमें विदेशों में जन्मे करीब 16 लाख भारतीय भी थे।
अमेरिका में 2008 में रह रहे 23 लाख भारतवंशियों में 455,000 मूल अमेरिकी नागरिक भी हैं जिनके पुरखों का ताल्लुक भारत से रहा है।
अमेरिका की प्रमुख संस्था माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट की ताजा रपट के अनुसार वर्ष 2007-2008 के दौरान भारतीय प्रवासियों का आंकड़ा यहां बसे चीन और हांगकांग मूल के लोगों की संख्या से अधिक हो गया। ऐसा 1960 के बाद पहली बार हुआ था।
इसके अनुसार अमेरिका में भारतीयों का प्रवासन नयी प्रवृत्ति है और 1990 और 2000 के दशकों में इसमें वृद्धि देखने को मिली है। इसके अलावा ऐसे लोगों ने भी अमेरिका का रुख किया है जिनके पूर्वज कैरीबियाई, पूर्व अफ्रीका, कनाडा और ब्रिटेन में रह रहे थे।
अन्य प्रवासी समूहों की तुलना में विदेशों में जन्मे भारतीय ज्यादा शिक्षित हैं-भारत में जन्में करीब तीन-चौथाई प्रौढ़ों के पास स्नातक या उससे ज्यादा ऊंची डिग्री है। भारत में जन्में करीब एक-चौथाई पुरूष सूचना एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े कारोबार में हैं।
रपट के मुख्य अंश इस प्रकार है :
-करीब आधे भारतीय प्रवासी कैलीफोर्निया, न्यूजर्सी, न्यूयार्क और टेक्सॉस में रहते हैं।
-छह राज्यों में 10 में से एक व्यक्ति भारत में जन्मा है।
-वर्ष 2000-08 के दौरान 10 राज्यों में भारतीय प्रवासियों की तादाद दुगनी से ज्यादा हो गई।
-छह में से एक भारतीय प्रवासी न्यूयार्क मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में रहता है।
-10 महानगरों में भारतीय प्रवासियों की तादाद कुल प्रवासी आबादी का कम से कम 10 प्रतिशत रही।
-वर्ष 2008 में 23 लाख भारतवंशी अमेरिका में रह रहे थे। इनमें से 455,000 अमेरिका में रहने वाले भारतीयों की संतान थे।
-वर्ष 2000 या उसके बाद विदेशों में रहने वाले भारतीयों के 40 फीसदी से ज्यादा वंशज अमेरिका चले आए।
-वर्ष 2008 में हर 10 में से तीन भारतीय प्रवासी धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलते थे।
- टूटी-फूटी अंग्रेजी बोलने वाले करीब दो-तिहाई प्रवासी हिंदी, गुजराती या पंजाबी बोलते थे।
-विदेशों में जन्में भारतीय वयस्कों में से करीब तीन-चौथाई के पास स्नातक या उससे ऊंची डिग्री थी।
-भारतीय प्रवासियों में मूल निवासियों की बजाए गरीबी में जीवन यापन करने की संभावना कम थी।
-भारतीय प्रवासियों का अन्य प्रवासियों की तरह ही अपना मकान है।
-आठ में से करीब एक भारतीय प्रवासी के पास वर्ष 2008 में स्वास्थ्य बीमा नहीं था।
-18 साल से कम आयु के 550,000 से ज्यादा बच्चे प्रवासी भारतीय अभिभावकों के साथ रहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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