एयरटेल बनी दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी
इसके चलते एयरटेल अब दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी बन गई है। कंपनी ने इस सौदे के लिए 10.7 अरब डॉलर की राशि खर्च की है। अफ्रीका में किसी भारतीय कंपनी द्वारा किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण है। इस सौदे में हालांकि कुवैती कंपनी की सूडान और मोरेक्को की परिसंपत्तियां शामिल नहीं हैं।
तीसरी कोशिश
दक्षिण अफ्रीकी दूरसंचार कंपनी एमटीएन के साथ विलय की दो बार की गई असफल कोशिश के बाद एयरटेल की अफ्रीकी बाजार में प्रवेश करने की यह तीसरी कोशिश थी। जैन के 7.18 करोड़ उपभोक्ताओं में से 60 फीसदी से अधिक अफ्रीका में हैं।
इस अधिग्रहण के साथ एयरटेल दुनिया के 18 देशों में दूरसंचार सेवा उपलब्ध कराने वाली एक बहुराष्ट्रीय कंपनी बन गई है। वैश्विक स्तर पर उपभोक्ताओं की संख्या अब 18 करोड़ हो गई है।
भारती समूह के चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा, "भारती अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी बन गई है। इससे भारत और अफ्रीका के बीच आर्थिक और सामाजिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी।"
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उन्होंने कहा कि इस सौदे से भारतीय कंपनियों के लिए कई दरवाजे खुलेंगे। जैन अफ्रीका के 15 में से 10 देशों में सबसे बड़ी कंपनी है जबकि चार देशों में यह दूसरे स्थान पर है।
मित्तल ने कहा, "हम भारती परिवार में 6500 कुशल पेशेवरों का स्वागत करते हैं और सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए हम उनसे सहयोग की अपेक्षा करते हैं।"
इस सौदे से पहले भारती भारत के अलावा श्रीलंका और बांग्लादेश में अपनी सेवाएं मुहैया करवा रही थी। भारती ने जैन को नौ अरब डॉलर की राशि नकद भुगतान करने अलावा 1.7 अरब डॉलर के कर्ज दायित्व स्वीकार किया है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस सौदे को पूरा करने के लिए भारती को 8.3 अरब डॉलर का कर्ज लेना पड़ा है।













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