गैस त्रासदी पर फैसले की समीक्षा करेगी 5 सदस्यीय समिति
भोपाल में 25 साल पहले हुए गैस हादसे पर 23 साल से मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में चल रहे प्रकरण पर सोमवार को फैसला आया। इस फैसले में सात आरोपियों को दो-दो साल की कैद और एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही कंपनी यूनियन कार्बाइड इंडिया पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस फैसले से हर किसी में नाराजगी है।
मुख्यमंत्री चौहान ने बुधवार को सीजेएम न्यायालय के फैसले की चुनौती देने के लिए बनाई गई पांच सदस्यीय समिति में विवेक तन्खा, आर. डी. जैन, ए. के. मिश्रा, आनंद मोहन माथुर और शांति लाल लोढा शामिल हैं। यह समिति न्यायालय के फैसले की समीक्षा के बाद प्रारंभिक रिपोर्ट 10 दिन में दे देगी, जबकि 30 दिन में कानूनी पक्ष निर्धारित करते हुए यह बताएगी कि फैसले को किस तरह चुनौती दी जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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