भोपाल गैस त्रासदी पर फैसला शर्मनाक : बॉलीवुड
मुंबई, 8 जून (आईएएनएस)। भारतीय फिल्म बिरादरी ने 1984 की भोपाल गैस त्रासदी पर आए अदालत के फैसले को अप्रासंगिक, अन्यायपूर्ण और शर्मनाक करार दिया है।
भोपाल की एक अदालत ने सोमवार को सात लोगों को विश्व की इस सबसे भीषण औद्योगिकी त्रासदी के सिलसिले में दोषी करार देते हुए दो-दो साल की कैद की सजा सुनाई थी।
शेखर कपूर से लेकर अमिताभ बच्चन तक सभी हस्तियों का कहना है कि यूनियन कार्बाइड के सात अधिकारियों को सुनाई गई महज दो-दो साल की कैद अपर्याप्त है। कपूर ने इस फैसले को पूरी तरह अप्रासंगिक करार देते हुए इसकी आलोचना की है।
कपूर ने अपने ब्लॉग पर लिखा है, "जिनका इस टाली जा सकने वाले गैरजिम्मेदार तथा पूरी तरह कुप्रबंधित हादसे में हाथ था, लंबा अर्सा पहले भारत सरकार से सौदेबाजी करके यहां से जा चुके हैं। यह भारत सरकार और उसकी अदालतों की भारतीय जनता के प्रति सबसे बड़ी सौदेबाजी है।"
25 साल पहले दो और तीन दिसम्बर, 1984 की रात भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड कारखाने से रिसी जहरीली मिथाइल आइसोसायनेट गैस के कारण हजारों लोग मारे गए थे और अनेक स्थायी रूप से विकलांग हो गए थे। यह त्रासदी पूरी दुनिया के औद्योगिक इतिहास में सबसे बड़ी घटना मानी जाती है।
हादसे के 25 साल बाद भी जहरीला कचरा भूजल में मिलता जा रहा है।
कपूर लिखते हैं, "भोपाल के गरीब लोगों की चिंता किसको है? यकीनन हमारी सरकार को नहीं। जो अपने ही लोगों का ऐसे नरभक्षियों के सामने डालना पसंद करती है। जाहिर तौर पर 47 करोड़ डॉलर में से बहुत कम रकम पीड़ितों की मदद के लिए दी गई जबकि बाकी भ्रष्ट अधिकारियों की जेब में चली गई।"
उन्होंने कहा कि इस फैसले से साबित होता है कि आप भारत में जो चाहे कर सकते हैं और मुक्त हो सकते हैं। आप हजारों लोगों की जान तक ले सकते हैं।
अदालत ने इस मामले में सभी आठ आरोपियों केशव महिंद्रा, विजय गोखले, किशोर कामदार, जे. मुकुंद, एस. पी. चौधरी, के. वी. शेट्टी, एस. आई कुरैशी और युनियन कार्बाइड इंडिया को 304 ए के तहत दोषी करार दिया। कंपनी पर पांच लाख रुपये जुर्माना लगाया गया।
फिल्मकार गोल्डी बहल का कहना है, "भोपाल गैस त्रासदी पर रघु राय की तस्वीरें इस बात की भयावह यादगार है।"
फोटोग्राफर अतुल कसाबेकर ने इसे सिस्टम के लिए शर्मनाक बताया है तो अभिनेत्री गुल पनाग ने इसे 'न्याय का उपहास' करार दिया है।
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने इस फैसले के प्रति अपनी नाखुशी का संकेत दिया है। उन्होंने अपने ब्लॉग पर लिखा है, "भोपाल गैस त्रासदी में 15000 लोग मारे गए और हजारों इससे आज भी प्रभावित हैं और दोषियों को महज दो साल की सजा। लोगों को न्याय के लिए बहुत लंबा इंतजार करना पड़ा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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