वैश्विक निवेशक सम्मेलन: रेड्डी भाईयों के आगे बौने पड़े मित्तल
मित्तल पर कैसे भारी पड़े रेड्डी
आर्सेलर मित्तल ने सम्मेलन में राज्य में 30,000 करोड़ रुपये के निवेश के समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया। जबकि रेड्डी बंधुओं की ब्राह्मणी इंडस्ट्रीज कर्नाटक लिमिटेड ने 36,000 करोड़ रुपए के निवेश संबंधी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किया। मालूम हो कि रेड्डी बंधु राज्य में सबसे मजबूत माइनिंग लॉबी के सशक्त उद्योगपति हैं।'खनन सम्राट' के नाम से मशहूर रेड्डी बंधुओं में जी जनार्दन रेड्डी मुख्यमंत्री वीएस येदियुरप्पा की सरकार में पर्यटन और बुनियादी ढांचा विकास (इफ्रास्ट्रक्चर) मंत्री हैं। साथ ही उनके भाई के. करुणाकर रेड्डी राजस्व मंत्री हैं।
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इस्पात सम्राट लक्ष्मी मित्तल की आर्सेलर मित्तल लिमिटेड रेड्डी बंधुओं के सह जिले बेल्लारी में इस्पात संयंत्र स्थापित करेगी और 750 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी करेगी। कंपनी ने 10000 रोजगार उत्पन्न करने का दावा किया है। दूसरी तरफ रेड्डी बंधुओं की ब्राह्मणी इंडस्ट्रीज कर्नाटक लिमिटेड भी बेल्लारी जिले में ही पहले चरण में इस्पात संयंत्र स्थापित करेगी और दूसरे चरण में 68 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता वाला संयंत्र स्थापित करेगी। यह कंपनी 25000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी।
कर्नाटक में रेड्डी बंधुओं के दबदबे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आर्सेलर मित्तल सहित सम्मेलन में हिस्सा लेने वाली अधिकांश कंपनियों ने बेल्लारी जिले को ही परियोजना स्थल के रूप में चुना। ज्ञात हो कि कर्नाटक में रेड्डी बंधुओं की समानांतर सरकार चलती है। पिछले दिनों रेड्डी बंधुओं के दबाव में येदियुरप्पा तक को झुकना पड़ा था और उन्हें शोभा करंदलजे को मंत्रिमंडल से हटाना पड़ा था। शोभा येदियुरप्पा की करीबी मानी जाती हैं।













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