मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष बने केजी बालाकृष्णन

नई दिल्ली। भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह सोमवार से कार्यभार संभालेंगे। बालाकृष्णन गत 12 मई को प्रधान न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। मालूम हो कि बालाकृष्णन देश के पहले दलित प्रधान न्यायाधीश बने थे। उन्होंने केरल में अपना करियर 1968 में बतौर वकील शुरू किया था।

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गृह मंत्रालय ने गुरुवार को बताया, "राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने केंद्र सरकार के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करते हुए बालाकृष्णन को एनएचआरसी का अध्यक्ष नियुक्त किया।" एनएचआरसी अधिकारियों के मुताबिक बालाकृष्णन सोमवार को दिन में 10.30 बजे कार्यालय आएंगे और 11.30 बजे एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। एक अधिकारी ने बताया, "एनएचआरसी के नए अध्यक्ष के परिचय स्वरूप संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।"

बालाकृष्णन एनएचआरसी के छठे अध्यक्ष हैं। यह पद पिछले एक साल से रिक्त था। इसके पहले एनएचआरसी के अध्यक्ष न्यायाधीश एस राजेंद्र बाबू थे, जो वर्ष 2009 में सेवानिवृत्त हो गए थे। संवैधानिक प्रावधान के मुताबिक भारत का पूर्व प्रधान न्यायाधीश ही एनएचआरसी का अध्यक्ष बन सकता है। न्यायाधीश बाबू के सेवानिवृत्त हो जाने के बाद एनएचआरसी के अध्यक्ष पद के लिए सरकार ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश वाईके सबरवाल और न्यायाधीश एएस आनंद से संपर्क किया था, लेकिन दोनों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इंकार कर दिया था।

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