पश्चिम बंगाल रेल हादसे में मृतकों की संख्या 138 हुई
झारग्राम/मुंबई। पश्चिम बंगाल में गुरुवार देर रात हुई रेल दुर्घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 138 हो गई है। शनिवार देर रात तक चले राहत कार्यो के बाद डिब्बों में फंसे सभी शवों को बाहर निकाल लिया गया। दक्षिण-पूर्व रेलवे के प्रवक्ता ने कहा, "मरने वालों की संख्या 138 है।
क्षतिग्रस्त डिब्बों में से शवों को निकालने का काम पूरा हो गया है।" हादसे का शिकार हुई ज्ञानेश्वरी सुपर डीलक्स एक्सप्रेस के बुरी तरह क्षतिग्रस्त द्वितीय श्रेणी के स्लीपर कोच एस 5 से अंतिम शव को रात करीब 9.45 बजे निकाला गया। इसके साथ ही करीब दो दिनों से जारी खोजी अभियान खत्म हो गया है। इस हादसे में 146 यात्री घायल हैं, जिनमें से 38 की हालत गंभीर है।
राहत ट्रेन यात्रियों को लेकर मुंबई पहुंची
इस हादसे में सुरक्षित बचे लोगों को लेकर राहत ट्रेन शनिवार रात 9 बजे मुंबई पहुंच गई। केंद्रीय रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि राहत रेलगाड़ी जब कुर्ला पहुंची तब भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लोकमान्य तिलक टर्मिनस के प्लेटफार्म संख्या पांच पर बैरिकेड लगा दिए गए।
स्वयंसेवियों ने दुर्घटना में सुरक्षित बचे यात्रियों का सामान मुफ्त में ढोकर उन्हें राहत दी। रेलगाड़ी से उतरते ही उनके परिवार के लोगों व रिश्तदारों ने उन्हें घेर लिया। सभी की आंखों में आंसू छलक पड़े। माहौल भावुकतापूर्ण हो गया। यात्रियों के सुरक्षित लौट आने पर लोग ईश्वर को धन्यवाद दे रहे थे। सुरक्षित बचे एक यात्री ने बताया कि वह ज्ञानेश्वरी एक्स्प्रेस के कोच एस 10 में था। उसने देखा कि आगे के चार-पांच कोच कोच जो बगल के ट्रैक पर गिरे पड़े थे, उनमें सवार करीब 20 लोगों को उसकी आंखों के सामने मालगाड़ी के इंजन ने कुचल डाला। उसने बताया कि राहत कार्य एक-डेढ़ घंटे बाद शुरू हुआ।
गौरतलब है कि एक विस्फोट के बाद इस रेलगाड़ी के पांच डिब्बे दूसरे ट्रैक पर जा गिरे। जब तक यात्री उनमें से निकल पाते, एक मालगाड़ी इन कोचों पर चढ़ गई, जिससे काफी लोग कुचले गए।












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