फर्जी मुठभेड़ मामले में सेना का अधिकारी गिरफ्तार (लीड-1)
इस मुठभेड़ में सेना की एक टुकड़ी के जवानों ने तीन नागरिकों की हत्या कर दी गई थी। सेना ने कहा है कि वह मामले की जांच कराएगी।
उत्तरी कश्मीर के राफियाबाद के नादिहाल के रहने वाले तीनों नागरिकों शहजाद अहमद खान, रियाज अहमद लोन और मुहम्मद शफी लोन के शवों को कुपवाड़ा जिले के कलारूस गांव स्थित कब्रिस्तान से निकाला गया और मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में परिजनों ने उनकी पहचान की।
इस मामले में एक पूर्व विशेष पुलिस अधिकारी बशीर अहमद और उसके सहयोगी फयाद अहमद को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रांतीय सेना के जवान अब्बास हुसैन शाह को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार किया। उसे इस षडयंत्र का सबसे बड़ा सूत्रधार माना जा रहा है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "लंबी पूछताछ के दौरान पूरे षडयंत्र का खुलासा हुआ। अब्बास हुसैन शाह इस षडयंत्र का सूत्रधार है। उसने सेना के एक मेजर और अन्य के साथ मिलकर तीनों नागरिकों की हत्या की साजिश रची थी।"
अधिकारी ने बताया कि तीनों से यह वादा किया था कि यदि वे माशिल सेक्टर में सेना के लिए मजदूरी का काम करेंगे तो उन्हें 2000 रुपये प्रतिदिन दिए जाएंगे।
अधिकारी ने बताया कि जब तीनों के शव दफनाने के लिए सौंपे गए थे और उन्हें घुसपैठिया बताया गया था तभी उन्हें मुठभेड़ के फर्जी होने का संदेह हो गया था। "क्योंकि सभी गोलियां तीनों के सिर में लगी थी और मुठभेड़ में ऐसा संभव नहीं होता। तीनों ने गर्मी के मौसम वाले कपड़े पहन रखे थे। घुसपैठियों के लिए बर्फबारी वाले इलाकों से इन कपड़ों में घुसपैठ करना संभव नहीं होता।"
ज्ञात हो कि सेना की ओर से 30 अप्रैल को यह दावा किया गया था कि उसने नियंत्रण रेखा पर माशिल सेक्टर में घुसपैठ की एक कोशिश नाकाम की है, जिसमें तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया है। सेना की ओर से यह दावा भी किया गया था कि उसने इन घुसपैठियों से भारी मात्रा में हथियार व गोला बारूद बरामद किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications