भारत-अमेरिका रिश्तों की बुलंदी के पक्ष में ओबामा
अरुण कुमार
वाशिंगटन, 27 मई (आईएएनएस)। ओबामा प्रशासन भारत के साथ रिश्तों को प्रगाढ़ बनाने को महत्वपूर्ण मानता है और वह इस 'महान और उभरती वैश्विक ताकत' (भारत) के साथ अपने कई हितों को जोड़कर भी देखता है।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता पी.जे. क्राउली ने बुधवार को विगत 17 महीनों के राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े एक सवाल पर संवाददाताओं से कहा, "मैं मानता हूं कि दोनों देशों के बीच सामरिक वार्ता स्वत: इसका प्रमाण है।"
उन्होंने कहा, "भारत एक महान और उभरती वैश्विक ताकत है। पर्यावरण, क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी लड़ाई और आर्थिक मुद्दों पर भी हमारे कई हित जुड़े हुए हैं और ये दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।"
भारत-अमेरिका सामरिक वार्ता तीन-चार जून को होगी। इसमें भारतीय विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा और उनकी अमेरिकी समकक्ष हिलेरी क्लिंटन अपने-अपने देश का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने कहा, "भारत के साथ हमारे मजूबत सांस्कृतिक संबंध हैं और इसलिए हम सामरिक वार्ता को लेकर उत्सुक हैं।"
क्राउली ने कहा, "राष्ट्रपति ओबामा और हिलेरी दोनों भारत के साथ समन्वय और सहयोग के स्तर को बढ़ाए जाने का महत्व समझते हैं। ऐसे में वे इस सामरिक वार्ता को महत्वपूर्ण मानते हैं।"
उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि भारत के साथ हमारे रिश्ते कभी भी इतना मजबूत नहीं रहे। हम दुनिया की सबसे बड़े लोकतंत्र और सबसे पुराने लोकतंत्र के रिश्तों के बारे में बात कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच बहुत सारी बातें समान हैं।"
प्रवक्ता ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता को अमेरिका समर्थन देता रहेगा। उन्होंने कहा, "हम इस बात से खुश हैं कि भारत और पाकिस्तान सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। दोनों के बीच संवाद भी गहरा हुआ है। ऐसे में हम दोनों देशों को वार्ता के लिए उत्साहित करते रहेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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