एक बिस्तर पर लिटाया जाता है 10 बच्चों को
अनियमितताओं का आलम यह है कि एक ही बिस्तर पर तकरीबन 10 से ज्यादा बच्चों को सोने के लिए लिटाया जाता है। बच्चों के कमरे में पंखे नहीं थे और वहां से दुर्गंध आ रही थी।
राजधानी के प्राग नारायण रोड स्थित अनाथ बच्चों के लिए बनाए गए आश्रय स्थल राजकीय बालगृह में बच्चों को बुरी तरह से रखे जाने की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने बुधवार शाम बालगृह की जांच की जिसमें गंभीर अनिमितताएं पाईं।
बाल गृह का निरीक्षण करने के एक दिन बाद बाल कल्याण समिति के सदस्य श्याम कुमार ने गुरुवार को यहां संवाददाताओं को बताया कि बालगृह में बच्चों की हालत दयनीय थी। जिस तरह से उन्हें रखा जाता है यह देखकर हम सभी दंग रह गए।
कुमार ने कहा कि जिस कमरे में छात्रों को रखा गया था उससे दुर्गंध आ रही थी। कमरे में पंखे नहीं थे। तकरीबन 10 से ज्यादा बच्चों को एक ही बिस्तर पर सोने के लिए लिटाया गया था।
इसके अलावा बच्चों की सुविधाओं के लिए लोगों द्वारा बच्चों के लिए दान में दिए गए नए कपड़े, खिलौने और कंबल जैसी अन्य वस्तुएं बच्चों को न देकर पैकेटों में ही बंद पड़ी थीं। दान में मिले सामान का लेखा-जोखा न मिले इसके लिए दान रजिस्टर भी गायब कर दिया गया था।
अधिकारियों के मुताबिक बच्चों की सुविधाओं के लिए बाल गृह को दिए गए टीवी, फ्रिज, डीवीडी प्लेयर या तो अधिकारियों द्वारा प्रयोग किए जा रहे थे या गायब थे।
कुमार ने जोर दिया कि बाल गृह की पड़ताल के बाद सामने आई अनिमितताओं के बारे में हम विस्तार से जांच रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम निश्चित रूप से मुख्यमंत्री से बाल गृह के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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