पाकिस्तान पर विश्वास नहीं किया जा सकता : पूर्व सेना प्रमुख
संवाददाताओं के साथ यहां बातचीत करते हुए मलिक ने नक्सलवाद से निपटने के लिए सेना की मदद लेने के बदले अर्ध सैनिक बल और राज्य पुलिस बल को ही प्रशिक्षित करने की वकालत की।
यहां दौरे पर आए मलिक ने कहा, "यदि राजनीतिक वार्ता जारी हो तो भी आप पाकिस्तान पर भरोसा नहीं कर सकते। राजनीतिज्ञ जो कर रहे हैं, वह उन्हें करने दीजिए। लेकिन सेना और खुफिया को सतर्क रहना चाहिए।"
कारगिल युद्ध के समय सेना प्रमुख रहे मलिक ने कहा, "हमारे सुरक्षा बलों को सर्वोच्च स्तर पर सतर्क रहना चाहिए।"
कारगिल युद्ध के बारे में चर्चा करते हुए मलिक ने कहा, "पाकिस्तान अंतिम समय तक इस बात से इंकार करता रहा कि उसकी नियमित सेना द्रास-कारगिल-बटालिक सेक्टर में स्थित भारतीय चौकियों पर कब्जा किए हुए है। वह कहता रहा कि मुजाहिदीनों ने उन चौकियों पर कब्जा किया है। जबकि पता यह चला कि जिस समय वाजपेयी द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती के लिए बस पर सवार होकर लाहौर जा रहे थे, उसी दौरान उन चौकियों पर कब्जा कर लिया गया था।"
यह अलग बात है कि भारत ने पाकिस्तानी सेना को कारगिल से खदेड़ दिया, लेकिन भारतीय सेना को जानमाल का भारी नुकसान हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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