बॉडबैंड स्पैक्ट्रम से 15000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद
हैदराबाद में विश्व दूरसंचार विकास सम्मेलन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजा ने कहा, "हमें उम्मीद है कि 3जी नीलामी की तरह ब्रॉडबैंड स्पैक्ट्रम नीलामी में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा रहेगी, इससे सरकार को 15,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।"
मोबाइल और लैपटॉप जैसे उपकरणों के जरिए इंटरनेट का उपयोग करने के लिए वर्ल्डवाइड इंटरऑपरेबिलिटी फॉर माइक्रोवेब एक्सेस (वाइमैक्स) तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ब्रॉडबैंड स्पैक्ट्रम का आवंटन जरूरी है।
बोली जीतने वाली कंपनियां इंटरनेट टेलीफोनी और इंटरनेट टीवी जैसी तेज गति वाली इंटरनेट सुविधाएं भी दे सकेंगीं। स्पैक्ट्रम का उपयोग ध्वनि और तीव्र गति से डेटा परिवहन की सेवाएं भी दे सकेंगी।
ब्रॉडबैंड स्पैक्ट्रम की नीलामी में भारती एयरटेल, रिलायंस वाइमैक्स, आईडिया सेल्युलर, एयरसेल, आगर मारीशस लिमिटेड, इंफोटेल ब्राडबैंड सर्विस, टाटा कम्युनिकेशन्स इंटरनेट सर्विसेज, टिकोना डिजीटल नेटवर्क्स, तिकोना डिजिटल नेटवर्क्स और वोडाफोन एस्सार समेत कुल 11 कंपनियां भाग ले रही हैं।
नीलामी में देश के सभी 22 सेवा क्षेत्रों के लिए बोलियां लगाई जाएंगी। सरकार ने पूरे देश के लिए बोली की न्यूनतम कीमत 1,750 करोड़ रुपये रखी है।
सरकार पहले ही एक ब्लॉक में 20 मेगाहट्र्ज का स्पैक्ट्रम महानगर दूरसंचार निगम और भारत संचार निगम को उनके सेवा क्षेत्रों में उपयोग के लिए दे चुकी है।
सरकारी क्षेत्र की यह दोनों कंपनियां बोली के मुताबिक राशि का भुगतान सरकार को करेंगी।
इस नीलामी में सफल होने वाली कंपनियां बोली के बाद से ही स्पैक्ट्रम का व्यावसायिक उपयोग शुरू कर सकती हैं।
सरकार को शुरुआत में 3जी स्पैक्ट्रम और ब्रॉडबैंड स्पैक्ट्रम दोनों की नीलामी से कुल 35,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद थी लेकिन 3जी की नीलामी से ही सरकार को 67,718.95 करोड़ रुपये का राजस्व मिल चुका है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications