अंडमान को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा और वायु संपर्क
नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। बंगाल की खाड़ी में स्थित अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को आने वाले दिनों में अति विशिष्ट सुविधाओं वाला एक अस्पताल और बेहतर वायु संपर्क मिल सकेगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्वास्थ्य मंत्रालय को इस दिशा में काम करने को कहा है।
गृह मंत्रालय ने संसदीय समिति की सिफारिश को आधार मानकर स्वास्थ्य मंत्रालय को इन द्वीपों पर सुविधा संपन्न अस्पताल बनाने की व्यवस्था करने को कहा है। समिति ने सरकार द्वारा इन द्वीपों पर रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में 'पक्षपातपूर्ण' रवैया रखने की बात कही है।
इसके साथ ही गृह मंत्रालय इन द्वीपों के लिए बेहतर हवाई यातायात के लिए भी प्रयासरत है। मंत्रालय द्वीपों को देश के अन्य भागों से जोड़ने वाली विमानन कंपनियों के किराए में रियायत दिलाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय से संपर्क में है।
संसदीय समिति ने द्वीप पर बड़ी संख्या में रहने वाले केंद्रीय कर्मचारियों सहित कुल 3,56,265 निवासियों की समस्याओं को गृह मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालयों के सामने रखा था। साथ ही उसने इस संबंध में केंद्र सरकार के अधिकारियों से भी बात की थी। इसी के बाद गृह मंत्रालय ने इन द्वीपों पर आधुनिकतम अस्पताल बनाने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को निर्देश दिया है।
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "हमने समिति की रिपोर्ट को पहले ही संबंधित मंत्रालयों को भेजने के साथ ही उनसे सिफारिशों के क्रियान्वयन की संभाव्यता के बारे में पूछा है।"
अंडमान द्वीप के मुख्य सचिव की इस सूचना पर कि वहां स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। भारतीय जनता पार्टी के नेता और राज्य सभा सदस्य एम. वेंकैया नायडू के नेतृत्व में गृह मामलों की संसद की स्थायी समिति ने गृह मंत्रालय से यह सिफारिश की है।
दल की ओर से गत 27 अप्रैल को संसद में दाखिल की गई रिपोर्ट में कहा गया है, "यह चिंता का विषय है कि द्वीप पर विशेष रोगों के इलाज के लिए सुविधाओं का अभाव है। लोगों को इलाज के लिए तमिलनाडु और कोलकाता जाना पड़ता है। इलाज में आने वाले इस खर्च में सरकार की ओर से कोई मदद नहीं दी जाती।"
द्वीप से बेहतर हवाई संपर्क कायम करने के संबंध में जांच के बाद समिति को बताया गया कि छूट हवाई यात्रा के किराए में नहीं, बल्कि पानी के जहाज के किराए में है। प्रशासन स्थानीय लोगों द्वारा पानी के जहाज से यात्रा करने पर किराए में 90 प्रतिशत और अन्य लोगों के लिए 74 प्रतिशत छूट देता है।
इस संबंध में गृह सचिव जी.के. पिल्लै ने कहा, "हवाई किराए में कोई छूट नहीं है, बल्कि विमान कंपनियां सामान्य से अधिक किराया वसूल रही हैं।"
समिति ने कहा, "उसका यह मानना है कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का हमारे स्वंतत्रता संघर्ष के इतिहास में अहम स्थान है। देशवासियों के लिए द्वीप एक पर्यटन स्थल के समान है, जहां सेल्यूलर जेल में कालापानी की सजा पाए लोगों को रखा जाता था। ऐसे में यहां पहुंचने वाले लोगों को हवाई यात्रा में विशेष रियायत मिलनी चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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