लाखों में बिक रहे हैं गाड़ियों के वीआईपी नंबर
जयदीप सरीन
चण्डीगढ़, 24 मई (आईएएनएस)। इसे नंबर वन बनने का जुनून कहिए या शानो-शौकत दिखाने का तरीका लेकिन यह सच है कि चण्डीगढ़ के लोग गाड़ियों के वीआईपी नंबर खरीदने के लिए दीवाने हो रहे हैं।
चण्डीगढ़ के निवासी नरेंद्र सिंह शेरगिल ने 0001 रजिस्ट्रेशन नंबर खरीदने के लिए पहली बार 10 लाख रुपये की बोली लगाई थी। शेरगिल ने पिछले सप्ताह दूसरी गाड़ी के लिए ऐसा ही वीआईपी नंबर लेने के लिए पिछले सप्ताह 20 लाख रुपये की बोली लगाई। उनकी गाड़ी का यह नंबर है सीएच-01 एसी-0001
शेरगिल कहते हैं, "जब मैं नंबर खरीदकर घर पहुंचा तो मेरी पत्नी बहुत नाराज हुईं। मैं हमेशा से यह नंबर चाहता था क्योंकि मैं इसका हकदार हूं, कीमत कोई मायने नहीं रखती।"
शेरगिल की पत्नी जसकरन कौर कहती हैं, "मैं आश्चर्य चकित हुई जब मैनें इस बारे में सुना कि उन्होंने (शेरगिल) 0001 नंबर महंगी कीमत पर खरीदा है। इस कीमत में तो एक बड़ी लक्जरी कार या दो मध्यम कारें खरीद सकते हैं।"
शेरगिल को हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए उनकी जमीन के अधिग्रहण के बदले में सरकार से दो करोड़ रुपये का मुआवजा मिला है।
यहां शेरगिल अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जिन्होंने इस तरह महंगी कीमत पर विशिष्ट नंबर खरीदे हैं। पिछले कुछ साल में यहां दर्जनों लोग 0001 सीरीज के लिए पांच लाख रुपये तक की कीमत देकर खरीदते रहे हैं।
यहां से 150 किलोमीटर दूर पंजाब के जालंधर में दिल्ली के एक व्यापारी प्रवीण चौधरी ने अगस्त 2008 में अपनी दो करोड़ रुपये की बेंटले कार के लिए सात लाख 25 हजार रुपये में 0001 सीरीज का नंबर खरीदा था।
सी-क्लास की मर्सिडीज के मालिक एक अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) संतोख सिंह भी अप्रैल 2007 में ऐसा ही एक 0001 सीरीज का विशिष्ट नंबर खरीद चुके हैं।
दरअसल चण्डीगढ़ में इस सीरीज के नंबर को नीलामी के लिए आरक्षित रखा गया है, नीलामी की न्यूनतम राशि 25,000 रखी गई है। यदि किसी नंबर के लिए कोई व्यक्ति बोली नहीं लगाता तो उसके लिए न्यूनतम राशि 5,000 से 15,000 रुपये रखी गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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