तटीय आंध्र के करीब पहुंचा 'लैला', भारी बारिश
मंगलवार रात से भारी बारिश के कारण कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने राज्य के सभी नौ तटीय जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। एनडीआरएफ के दल लैला के प्रभावित होने की संभावना वाले इलाकों में पहुंच गए हैं।
विशाखपट्टनम स्थित चक्रवात चेतावनी केंद्र ने कहा है कि चक्रवात के गुरुवार सुबह तक आंध्र प्रदेश को पार करने की संभावना है।
मंलगवार रात से ही तटीय इलाकों में 65-70 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। इस कारण कई पेड़ गिर गए हैं और क्षेत्र में बिजली और संचार नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
बुधवार सुबह से विजयनगरम, श्रीकाकुलम, विशाखापट्टनम, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, कृष्णा और गुंटूर में भारी बारिश हो रही है। कुछ क्षेत्रों में 10 सेंटीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई।
नेल्लौर, प्रकाशम और रायलसीमा व तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश हो रही है।
मंगलवार रात से बारिश और बिजली गिरने से कम से कम 10 लोगों की मौत हुई है। चार किसान लापता बताए जा रहे हैं।
प्रशासन ने सभी नौ जिलों में निचले इलाकों से लोगों को हटाने का काम शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले 48 घंटों में और तेज बारिश हो सकती है। अनुमान के मुताबिक 25 सेंटीमीटर तक बारिश के साथ 115-125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
विशाखापट्टनम में पहले ही 10 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।
पश्चिमी गोदावरी, कृष्णा जिलों के तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बुधवार रात तक सुरक्षित स्थान पर चले जाने को कहा गया है।
कृष्णा जिले में प्रशासन ने 120 राहत शिविर बनाएं हैं, जबकि पश्चिमी गोदवारी जिले में सड़क परिवहन निगम की 100 बसों को तैयार रखा गया है।
स्थिति की समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री के. रोसैया ने मंत्रिमंडल के सहयोगियों को राहत व बचाव कार्यो की निगरानी के लिए तटीय आंध्र प्रदेश जाने को कहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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