दिल्ली सरकार अफजल गुरु की फांसी के खिलाफ नहीं (लीड-1)
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की दया याचिका से संबंधित फाइल को उपराज्यपाल तेजेंद्र खन्ना को भेज दिया है।
आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि राज्य सरकार ने अफजल की फांसी का विरोध नहीं किया है लेकिन अफजल की फांसी की स्थिति में कानून और व्यवस्था बिगड़ने को लेकर चिंता जाहिर की है।
दीक्षित ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, "मैंने फाइल भेज दी है।" उन्होंने सोमवार को एक समाचार पत्र में छपी खबर का खंडन किया था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अफजल गुरु की दया याचिका पर टिप्पणी करने के लिए उन्हें स्मरण पत्र भेजा है।
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अफजल गुरु की दया याचिका से संबंधित फाइल को खन्ना को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके बाद यह फाइल केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी।
अफजल गुरु कश्मीर घाटी स्थित सोपोर शहर का रहने वाला है। उसे संसद पर 13 दिसंबर, 2001 को आतंकवादी हमले की साजिश रचने के मामले में दोषी करार दिया गया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने अक्टूबर, 2003 में उसे मौत की सजा सुनाई थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने अगस्त, 2005 में अफजल गुरु की मौत की सजा बरकरार रखी थी। इसके बाद उसकी पत्नी तबस्सुम ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर की थी।
वर्ष 2005 की दया याचिका पर राष्ट्रपति ने गृह मंत्रालय से दृष्टिकोण मांगा था।
उल्लेखनीय है कि दया याचिका की प्रक्रिया के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय उस राज्य से टिप्पणी मांगता है, जिसके अधिकार क्षेत्र में अपराध होता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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